विकासनगर क्षेत्र में छोटे सिलेंडरों की अवैध रीफिलिंग के चलते घर में फैली गैस ने बृहस्पतिवार को एक मासूम की जान ले ली और बुरी तरह झुलसी उसकी मां सिविल अस्पताल में मौत से जूझ रही है।
पुलिस ने गैस का अवैध धंधा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके उसकी तलाश शुरू की है।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से बाराबंकी के रामनगर थाने के ललुआपुर निवासी रामचंद्र पत्नी मंजू व नौ माह की बेटी तन्नू के साथ जानकीपुरम के सेक्टर-सी में किराए के मकान में रहता है।
मंजू ने खाना पकाने के इरादे से गैस चूल्हे के पास माचिस जलाई थी तभी पूरे कमरे में आग फैल गई।
मंजू और बेटी तन्नू आग में बुरी तरह झुलस गई। मां बेटी की चीख सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने पुलिस व दमकल दस्ते को फोन किया और किसी तरह आग बुझाई।
लोगों ने मां-बेटी को सिविल अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया जबकि मंजू की स्थिति अब भी गंभीर है।
रामचंद्र ने पुलिस को बताया कि उसी मकान के दूसरे कमरे में किराए पर रहने वाला पप्पू छोटे गैस सिलेंडरों की अवैध तरीके से रीफिलिंग करके बेचता था।
रोजाना की तरह बृहस्पतिवार को भी पप्पू रीफिलिंग कर रहा था। इसी दौरान छोटे सिलेंडर पर रखा बड़ा सिलेंडर लुढ़क गया और गैस कमरे में भर गई।
मंजू ने आपत्ति जताई लेकिन उसने अनसुना कर दिया। झगड़ा करने के बजाय मंजू बच्ची को लेकर कमरे में चली गई और गैस चूल्हे पर खाना पकाने के इरादे से माचिस जलाई थी कि आग भड़क उठी।
जिसमें मां-बेटी बुरी तरह से झुलस गईं। पुलिस ने रमन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
नौ माह की तन्नू की शव के पास बिलख रहे रमन ने बताया कि वह रोजाना की तरह बृहस्पतिवार सुबह काम पर निकल गया था।
दोपहर में हादसे की खबर सुनकर घर पहुंचा। पत्नी व इकलौती बेटी तन्नू बुरी तरह झुलसी पड़ी थी। बेटी की मौत ने सारी खुशियां छीन लीं।
मंजू के भाई सुनील कुमार ने बताया कि बहन की हालत खराब होने के चलते उसको मासूम बच्ची तन्नू की मौत के बारे में नहीं बताया गया है।
बार-बार होश में आने पर वह तन्नू को ही पुकार रही थी। घरवाले उसे ठीक हो जाने पर जल्द घर ले जाने की बात कहकर टाल दे रहे थे।
जलती सिगरेट से लगी आग
सुनील के मुताबिक जिस समय घटना हुई उस समय बरामदे में इंसान, मीनू समेत 7-8 लोग गैस कटिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक सिलेंडर लुढ़कते हुए मंजू के कमरे में की तरफ चला गया।
तभी उनमें से किसी ने जलती सिगरेट फेंक दी जिससे आग लग गई। आग फैलती देख मंजू कमरे से भागी। मगर, बच्ची को अंदर फंसा देख बेटी को बचाने के लिए अंदर गई।
इसी दौरान गैस कटिंग करने वाले उसके कमरे को बाहर से बंद कर भाग निकले और लोगों को कमरे में बंदर बंद कर देने की अफवाह फैलाकर मौके से फरार हो गए।
चीख पुकार सुनकर बगल के कमरे में रहने वाली लड़की ने दरवाजा खोला। इसके बाद मोहल्ले के लोगों की मदद से अस्पताल भिजवाया।