बसपा नेता आशीष शुक्ला ने लापता बेटी को शरण देने का आरोप लगाते हुए रविवार को महानगर के न्यू हैदराबाद स्थित एक एनजीओ ऑफिस पर धावा बोलकर जमकर उत्पात मचाया।
अपने गुर्गों के साथ नेता ने समाज सेविकाओं को बंधक बनाकर मारा-पीटा। यही नहीं, मदद के लिए आई दो समाज सेविकाओं को अगवा कर खाटू श्याम मंदिर ले गए और उनके साथ अभद्रता की।
पुलिस ने मंदिर परिसर से दोनों को मुक्त कराया और सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गुर्गों के पास से इनोवा, बोलेरो, दो बाइक समेत एक पिस्टल व कारतूस बरामद किए हैं।
समाज सेविका की तहरीर पर मारपीट, बलवा, लूट, छेड़छाड़ समेत संगीन धाराओं में बसपा नेता, उनकी पत्नी, बेटे समेत कई लोेगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मुख्य आरोपी आशीष शुक्ला व उनकी पत्नी से गाजीपुर पुलिस पूछताछ कर रही है।
बीते 24 अक्तूबर को आशीष की बेटी व एमबीबीएस की छात्रा कॉलेज जाने के लिए घर से निकली और घर नहीं लौटी।
बसपा नेता ने गाजीपुर थाने में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई। रविवार को आली फाउंडेशन की संचालिका रेनू मिश्र ने फोन कर उनकी बेटी के एनजीओ ऑफिस में मौजूद होने की सूचना देते हुए उसके माता-पिता को बातचीत के लिए बुलाया।
बेटी की लोकेशन मिलते ही आशीष, अपनी पत्नी व बेटे और गुर्गों के साथ महानगर के न्यू हैदराबाद स्थित आली फाउंडेशन के कार्यालय पर धावा बोल दिया।
एनजीओ की सदस्य फौजिया इस्लाम की मानें तो हमलावरों ने समाज सेविकाओें को बंधक बना लिया और मारपीट की और दफ्तर में भी तोड़फोड़ भी की।
तभी एनजीओ की समाज सेविका साक्षी, नेहा (दोनों काल्पनिक नाम) अपने एक परिचित के साथ कार्यालय पहुंचीं तो पूर्व चेयरमैन व उनके गुर्गों ने उनकी भी पिटाई कर दी।
उनका आरोप है कि, पूर्व चेयरमैन व उनके गुर्गों ने उनके साथ अभद्रता की और सेलफोन, पर्स व उसमें रखे एटीएम कार्ड व दो हजार रुपये छीन लिए।