रेव पार्टियों में हेरोइन की सप्लाई करने वाले हरियाणा के तीन ड्रग तस्करों को केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने कैसरबाग से दबोच लिया।
इनके पास से एक किलो हेरोइन मिली है। यह लोग दिल्ली और एनसीआर में आयोजित रेव पार्टियों में हेरोइन सप्लाई कर मोटी रकम वसूलते थे।
नारकोटिक्स सेल के अधीक्षक डीके सिंह ने बताया कि ड्रग तस्करों की शहर में मौजूदगी की गुप्त सूचना पर बृहस्पतिवार को नारकोटिक्स कार्यालय लखनऊ की टीम के साथ कैसरबाग के आसपास जाल बिछाया गया था।
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कैसरबाग बस अड्डे के पिछले गेट पर सुलभ शौचालय के सामने तीन लोगों को पकड़ लिया गया। तलाशी में इनके पास से एक किलो हेरोइन मिली है।
डीके सिंह ने बताया कि पकड़े गए ड्रग तस्करों का नाम हरियाणा के भिवानी जिला निवासी अजीत, हिसार का किशन और जींद का विजेंदर है।
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अजीत ड्रग तस्करों के गैंग का सरगना है और करीब पांच साल से यह धंधा कर रहा है। तीनों दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में होने वाली बड़ी रेव पार्टियों में हेरोइन की सप्लाई करते थे।
अजीत का कहना है कि सबसे ज्यादा सप्लाई दिल्ली में होती है। यहां रेव की पार्टियों के अलावा कॉलेजों और प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट में भी हेरोइन का जबरदस्त चस्का है।
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कई क्लबों में भी हेरोइन खरीदी जाती है। अजीत ने बताया कि ड्रग तस्करों ने बाराबंकी टिकरा के पास स्थित चंदौली गांव से 15 लाख रुपये में हेरोइन खरीदी थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक किलो हेरोइन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
क्रूड मार्फीन से बनाते हैं हेरोइन
नशीले पदार्थों की फसल पैदा करने के लिए चर्चित बाराबंकी अब कच्चे माल को परिष्कृत करने के लिए जाना जाता है। यहां झारखंड और मिजोरम से क्रूड मार्फीन आती है जिससे हेरोइन बनाकर ड्रग तस्करों को ऊंचे दाम पर बेचा जाता है।
टिकरा गांव के पास घर-घर में यह धंधा चल रहा है। यहां तैयार होने वाली अफीम, चरस और हेरोइन शुद्ध मानी जाती है। यही वजह है कि देश के विभिन्न हिस्सों से ड्रग तस्कर यहां माल लेने आते हैं।
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