अवैध संबंधों में रोड़ा बनने पर बेटे ने ही अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर मां की हत्या का प्लान बना लिया। कत्ल के बाद मिलने वाली संपत्ति में 40 प्रतिशत हिस्सा देने का वादा करके एक बदमाश को सुपारी भी दे डाली।
हालांकि जांच में उनका भंडा फूट गया और बीकेटी पुलिस ने सोमवार को बेटे व उसकी प्रेमिका समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
हत्या में शामिल एक अन्य हिस्ट्रीशीटर की तलाश जारी है। बीकेटी में सीतापुर रोड पर भोलापुरवा गांव निवासी गुड़ व्यापारी नौशाद अली की पत्नी शमशुल निशा (50) की 27 अक्तूबर को गला दबाकर हत्या कर दी गई थी।
गुड़ व्यापारी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सर्विलांस सेल की मदद से बीकेटी पुलिस को अहम सुराग हासिल हुए।
इसके आधार पर बेटे नफीस अली, उसकी प्रेमिका सुनीता रावत और सीतापुर के कमलापुर थाना क्षेत्र के गांव जैतीशाह आलमापुर निवासी बदमाश खालिद को गिरफ्तार किया है।
संबंधों को लेकर कई बार मां से हुआ झगड़ा
वहीं इस हत्याकांड की साजिश रचने में शामिल भाकियू टिकैत गुट का बीकेटी नगर पंचायत अध्यक्ष व थाने का हिस्ट्रीशीटर कलीम खां उर्फ पप्पू फरार है।
एसओ विजय शंकर यादव ने बताया कि बीकेटी के बरगदी मगठ गांव में सुनीता रावत व नब्बन खां उर्फ पप्पू दस-बारह वर्ष से पति-पत्नी की तरह रहते है।
सुनीता रावत का मायका माल के गोपरामऊ गांव में है।
सुनीता रावत कुछ साल पहले हुए नगर पंचायत बीकेटी से चेयरमैन पद का चुनाव भी लड़ चुकी है। जनसंपर्क के दौरान सुनीता रावत व नफीस अली का संपर्क हुआ। दोनों में प्रेम संबंध हो गया।
इसके बाद से नफीस भी बरगदी मगठ में नब्बन के घर पर सुनीता के साथ रहने लगा। भोलापुरवा में भी नफीस अली के घर भी नब्बन व सुनीता का आना-जाना शुरू हो गया।
सुनीता व नफीस के संबंधों की जानकारी होने पर नफीस की मां शमशुलनिशा ने विरोध किया। इसको लेकर मां शमशुल निशा से बेटे नफीस में कई बार झगड़ा हुआ।
हत्यारे बेटे को पता था पैसे का हिसाब-किताब
इन संबधों में बाधक बनने पर नफीस व सुनीता ने नब्बन के साथ मिलकर शमुशुल निशा की हत्या की साजिश रची। इसकी सुपारी कमलापुर, सीतापुर के अपराधी खालिद को दी।
हत्या की साजिश नब्बन खां उर्फ पप्पू व नफीस अली की प्रेमिका सुनीता ने बनाई। इसी बीच इटौंजा के हरदा कॉलोनी में स्थित शमशुलनिशा की जमीन की बिक्री हुई।
इसमें मिले आठ लाख रुपयों में से सात लाख रुपयों को शमशुल निशा ने अपने पति नौशाद के बैंक खाते में जमा करा दिये। शेष एक लाख में से एक बाइक खरीदी।
इसके बाद जो 37 हजार की धनराशि बची उसे घर में ही रख दिया। लेकिन इसके बैक में जमा करने की जानकारी सिर्फ नौशाद अली व शमशुल निशा तक ही सीमित रही।
रची गई थी कई लोगों की हत्या की साजिश
इसी आठ लाख की धनराशि व संपत्ति के लालच और अवैध संबंधों में बाधक बनी मां शमशुल निशा को बीच से हटाने के लिए बेटे नफीस ने पूर्व में रची गई हत्या की साजिश के अनुसार नब्बन खां उर्फ पप्पू व सुनीता रावत की मौजूदगी में खालिद को अग्रिम पांच हजार रुपये दिये।
साथ ही संपत्ति व मिलने वाली धनराशि में 40 प्रतिशत देने का वादा किया। साजिश के अनुसार नफीस व खालिद ने 27 अक्तूबर को शमशुल निशा की हत्या की थी।
मोहर्रम के मौके पर गुड़ व्यापारी नौशाद अली के परिवार के सदस्य व बीकेटी थाने के चौकीदार नमन अली, उसके भाई अबरार, बेटे रहीस की हत्या की भी साजिश रची गई थी।
ये बात शमशुल निशा की हत्या के आरोपी खालिद, नफीस और सुनीता रावत ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि और नमन अली के भाई इसरार के पुत्र सैफ अली का अपहरण कर फिरौती मांगने की साजिश रची गई थी। इन वारदातों को अंजाम नहीं दिया जा सका।