अजय खुद को बरसों पहले चंबल के दस्यु सरगना रहे मलखान सिंह का प्रपौत्र बता रहा। उसका कहना है कि कानपुर से बीए तक पढ़ाई की और हैंडबाल का राज्य स्तरीय खिलाड़ी रहा है। उसने बताया कि कानपुर में मौसेरे भाई ने चेन लूट को अंजाम देना सिखाया। साल भर पहले शादी हुई तो खर्च पूरे नहीं कर पा रहा था। इस पर कानपुर के बाद लखनऊ में वारदात अंजाम देनी शुरू की।
26 मार्च को स्मृति उपवन के पास रीतेश पांडेय, 29 मार्च को आशियाना के पावरहाउस चौराहा के पास अंजू, 10 अप्रैल को आशियाना चौराहा, 15 अप्रैल को संत विहार व 17 अप्रैल को पकरी मार्ग पर एक महिला की चेन लूटी थी। उसने आलमबाग इलाके में भी चेन लूट की एक वारदात कुबूली।