फर्जी वेबसाइट बनाकर सरकार की जनकल्याण योजना के तहत 72 हजार पांच सौ पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांग रहे दो जालसाजों को बुधवार को साइबर क्राइम सेल की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से छह मोबाइल फोन, लगभग सौ अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र व बायोडाटा, एक कंप्यूटर, मोहरे बरामद की हैं।
एएसपी पूर्वी शिव राम यादव ने बताया कि जालसाजों की पहचान बलिया के रसड़ा सरदासपुर निवासी रमाकांत चौहान और बलिया के ही सिकंदरपुर नवानगर निवासी रामकृष्ण निगम के रूप में हुई है। दोनों जालसाजों ने लगभग महीने पहले जनकल्याणयोजना.कॉम के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाई।
इसके तहत 72,530 पदों पर नियुक्ति की जा रही थी। वेबसाइट पर क्षेत्रीय प्रबंधक के 75, वरिष्ठ प्रबंधक के 455 व 72 हजार विकास कर्मी के पद के लिए आवेदन मांगे गए थे। क्षेत्रीय प्रबंधक व वरिष्ठ प्रबंधक के लिए आवेदन निशुल्क था जबकि विकास कर्मी के लिए 150 रुपये का शुल्क जमा कराया जा रहा था।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के राजकीय चिह्न से मिलता जुलता लोगो भी बना रखा था। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्य आदेश भी बड़ी होशियारी के साथ डाल रखा था। सरकारी विभाग की विज्ञप्ति समझकर बेरोजगार युवक इसे देखकर भ्रमित हो रहे थे। सैकड़ों अभ्यर्थियों ने जनकल्याण योजना के नाम पर खुले अकाउंट में नेट बैंकिंग के जरिये डेढ़-डेढ़ सौ रुपये ट्रांसफर भी कर दिए।
हालांकि कुछ युवकों को इस वेबसाइट को देखने के बाद शक हो गया। इसके बाद मामले की जांच सीओ हजरतगंज अशोक कुमार वर्मा को सौंपी गई। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर साइबर क्राइम सेल की मदद से उन्होंने जांच पड़ताल की तो भांडा फूट गया। इसके बाद दोनों जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया गया।