फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

11 महीने से जुल्म सह रही थी 9 साल की मासूम

Wed, 02 Oct 2013 10:04 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
गोमतीनगर के पॉश्ा इलाके विशाल खंड के एक घर में नौकर बनाकर रखी गई 9 वर्षीय मंगलवार गोमतीनगर पुलिस ने मुक्त कराया।
विज्ञापन


बच्ची को नवंबर 2012 से बंधक बनाकर रखा गया था। बच्ची ने बताया कि वह झारखंड की है और घर का सारा काम उसी से कराया जाता है। काम न करने पर पिटाई होती थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पढ़ें- मालकिन सताती थी उसे इसलिए उसने खुदकुशी कर ली

एडवा की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग व सक्षम फाउंडेशन की निदेशक अंजलि सिंह ने बताया कि घर में छोटी बच्ची को रखकर काम करवाने, खाना न देने और पीटने की जानकारी मिली थी।
विज्ञापन


इस पर चाइल्ड लाइन में संपर्क किया गया और यहां के सदस्य दिलीप वर्मा व पुलिस टीम के साथ विशालखंड स्थित घर में पहुंची। यहां अमृता शाह अपनी बेटी कृतिका और दामाद सुशांत के साथ छह महीने से किराये पर रह रही थी।

घर में अमृता ही थी, जिन्होंने सख्ती से पूछताछ करने पर बालिका पौषाली (नाम परिवर्तित) को बाहर आने दिया। दिलीप ने बच्ची को विश्वास में लेते हुए पूछताछ की।

अमृता ने बताया कि बच्ची के पिता झारखंड में रांची के निकट एक गांव के आदिवासी समुदाय से हैं, जिसे रेलवे एक्ट के तहत किसी मामले में जेल हो गई थी। अमृता के पति व रांची जिला अदालत में वकील लाल प्रदीप नाथ ने उसकी जमानत करवाई।

इस पर पिता ने ही फीस के बदले पौषाली को उनके साथ भेज दिया। छह महीने पहले वे किसी और घर में रहते थे। पौषाली के पिता से कहा गया कि उनकी बेटी को कृतिका के बच्चे की देखभाल करनी होगी।

पौषाली ने बताया कि उससे घर का काम कराया जाता। काम न करने पर पीटा जाता और अक्सर बासी खाना मिलता। टीम बालिका को गोमतीनगर थाने ले आई और मामला दर्ज किया गया।
विज्ञापन

टीम ने पौषाली को खाना खिलाने और कागजी कार्यवाही के बाद प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय बाल गृह शिशु में आश्रय दिलाया गया है। जल्द ही उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें