सकरन क्षेत्र में छात्रा को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अगवा कर लिया गया। इसके बाद कई दिनों तक उसके साथ दुराचार किया गया।
मालूम हो कि सकरन क्षेत्र की एक बीए की छात्रा नौ मई को लापता हो गई थी। उसकी मां ने क्षेत्र के गुलरीपुरवा निवासी तकनीकी सहायक मनरेगा सकरन ब्लॉक (जेई) छैलबिहारी व एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था, लेकिन 24 मई को छात्रा वापस आ गई।
उसने परिवारीजनों को बताया कि छैलबिहारी ने उसे नौकरी दिलाने के नाम पर झांसे में लिया और फिर नौ मई को बीडीओ को मिलाने के नाम पर सकरन ब्लॉक ले गया।
जिला पंचायत सदस्य के घर पर की मनमानी
दुगाना गांव का प्रधान पति सुनील जायसवाल व गोंदलामऊ में तैनात बीडीओ सुरेंद्र गुप्ता मिल गए। छात्रा का आरोप है कि इन लोगों ने जबरन उसे गाड़ी बैठा लिया और बिसवां निवासी जिला पंचायत सदस्य चंद्र कुमार सिंह तोमर के आवास पर ले गए और जबरदस्ती की।
उसके मुताबिक आरोपी उसे गाड़ी से मथुरा ले गए, जहां एक मकान में रखकर छैलबिहारी, सुनील जायसवाल व सुरेंद्र गुप्ता ने नौकरी देने के नाम पर रेप किया। उसके साथ मारपीट भी की।
उसका मोबाइल भी तोड़ दिया गया। छात्रा किसी तरह घर पहुंची और परिवार को आपबीती सुनाई। परिवारीजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने मेडिकल कराया और कोर्ट में बयान दिलाया।