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‘गौरव से बात करती थी गौरी इसीलिए मार डाला’

Wed, 18 Feb 2015 10:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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गौरी हत्याकांड के खुलासे में पुलिस अपनी थ्योरी सच साबित करने के लिए सुबूत तलाशने में जुटी है। मुख्य आरोपी हिमांशु प्रजापति व उसके दोस्त अनुज गौतम को पुलिस कस्टडी रिमांड पर मंगलवार को जेल से पुलिस लाइन ले जाया गया।
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कड़े पहरे के बीच बंद कमरे में पुलिस ने पांच घंटे गहन पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, हिमांशु ने अकेले ही हत्या की बात कुबूलते हुए बताया कि गौरी के मोबाइल में गौरव की फोटो देख झगड़ा हुआ था।

इसके बाद गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया था। वहीं, पूछताछ के दौरान दोनों के परिवारीजन वकील को साथ लेकर बाहर चक्कर काटते रहे।

अंधेरा होने पर हिमांशु को निजी कार से विभिन्न स्थानों पर घुमाकर एक फरवरी का रूट चार्ट बनाया गया।

एएसपी सिटी पश्चिम अजय मिश्रा मंगलवार सुबह 10:45 बजे इंस्पेक्टर अमीनाबाद महंथ यादव व अन्य टीम के साथ जिला जेल में दाखिल हुए।

बंद कमरे में हिमांशु से हुई पूछताछ

गौरी हत्याकांड के विवेचक महंथ यादव ने हिमांशु व अनुज के पुलिस कस्टडी रिमांड का आदेश प्रस्तुत किया।

पुलिस टीम दोनों बंदियों को डॉक्टरी मुआयने के बाद 11:45 बजे जेल के बाहर निकली और गाड़ियों का काफिला पुलिस लाइन की तरफ दौड़ पड़ा।

इसके पीछे हिमांशु व अनुज के परिवारीजन भी अपने वकीलों के साथ निजी कार में थे। पुलिस टीम दोनों आरोपियों को सभागार के पास के हॉल में ले गई। चारों तरफ पहरा लगा दिया गया।

बंद कमरे में एएसपी सिटी अजय मिश्रा, एएसपी क्राइम दिनेश सिंह, सीओ कैसरबाग राजेश श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर महंथ यादव व एसओ पीजीआई संतोष तिवारी ने हिमांशु व अनुज से अलग-अलग पूछताछ शुरू की।

बहन बोली, पु‌लिस ने परिजनों को दूर रखा

पुलिस अफसरों का ध्यान सिर्फ हिमांशु पर केंद्रित रहा। दोनों आरोपियों के परिवारीजन अपने वकील के साथ बाहर खड़े कोर्ट के आदेश का हवाला देते रहे।

उनका कहना था कि सीजेएम ने पूछताछ के दौरान हिमांशु व अनुज से कुछ दूर मौजूद रहकर देखने-सुनने की इजाजत दी है।

हिमांशु की बहन डॉली ने कहा कि पुलिस ने परिवारीजनों को दूर रखा। सिर्फ एक झलक देख पाई थी।

एसएसपी यशस्वी यादव ने बताया कि पुलिस ने गौरी हत्याकांड में अब तक की पड़ताल में बिंदुवार सवाल तैयार किए थे।

उन पर पूछताछ के बाद हिमांशु को उस स्थान पर ले जाया गया, जहां गौरी के शरीर के टुकड़े मिले थे।

इसके बाद गौरी को बाइक पर बैठाकर ले जाने वाले रास्ते, हत्या के बाद जिन स्थानों पर गया था वहां ले जाकर समयवार रूट चार्ट तैयार किया गया है।

कैमरे के सामने उगले राज, मिले सुबूत

एसएसपी का कहना है कि दोनों आरोपियों से वीडियो कैमरे के सामने पूछताछ की गई है। हिमांशु प्रजापति से गौरी की हत्या से जुड़े तमाम सवाल पूछे गए।

उसने कई राज उगले। बोला कि गला दबाने के बाद लाश ठिकाने लगाने के लिए पहले अनुज को साथ लेने के इरादे से निकला था।

फिर सोचा कि उसके पास कार नहीं है, बेवजह क्यों राजदार बनाए। इस पर उसने अनुज को अपनी विभिन्न स्थानों पर मौजूदगी के गवाह के तौर पर ढाई घंटे साथ रखा था। साथ बैठकर बीयर पी और उससे ही ईको पार्क के टिकट खरीदवाए थे।

घूमने के बहाने बुलाया था गौरी को

हिमांशु ने कुबूला कि एक फरवरी की सुबह गौरी से वॉट्सएप पर संपर्क हुआ। साथ घूमने और घर चलने के बहाने सड़क पर बुलाया था।

बाइक पर बैठाकर घुमाया और घर ले गया। वहां काफी देर साथ रहे। इस दौरान गौरी से मोबाइल दिखाने को कहा था।

टालमटोल पर दबाव बनाया तो उसने स्क्रीन लॉक खोलकर मोबाइल दे दिया। मैसेज पढ़ने और फोटो देखने के बाद गौरव से बात करने को लेकर झगड़ा शुरू हुआ था।

कहासुनी बढ़ने पर गला दबा दिया। थोड़ी देर बाद गौरी की मौत का अहसास हुआ तो घबरा गया था।

अकेले ही अंजाम दी वारदात

दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारियों ने माना कि हिमांशु ने अकेले ही वारदात अंजाम दी थी।

गौरी का गला दबाने के बाद घर से निकला। ढाई घंटे अनुज के साथ रहा। इसके बाद आरी व बैग खरीदकर रात आठ बजे घर लौटा।

गौरी के शरीर के टुकड़े करके बैग में भरे। फर्श साफ की और खून से सने कपड़े भी बैग में ठूंसे। तीन चक्कर में टुकड़े ठिकाने लगाए।

पुलिस का कहना है कि हिमांशु के घर से कुछ दूर सेक्टर-7 मोड़ पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में वह एक फरवरी की रात 9:31 बजे अकेले ही बाइक की टंकी पर बड़ा बैग रखकर जाता नजर आया है।

‌हिमांशु ने बदला था मेमोरी कार्ड

गौरी के मोबाइल व मेमोरी कार्ड से जुड़े सवालों पर हिमांशु ने खुलासा किया कि हत्या के दूसरे दिन तेलीबाग में अयान की दुकान पर मोबाइल फॉरमेट कराया था।

वहीं मेमोरी कार्ड बदला। पुलिस टीम उसे लेकर अयान की दुकान पर पहुंची। दुकानदार ने हिमांशु को पहचानने के साथ मोबाइल फॉरमेट करने की पुष्टि की है।

इसके साथ पुलिस टीम हिमांशु को पंकज चावला व संजय की दुकान पर ले गई। वहां से उसने आरी व बैग्स खरीदे थे।

ईको पार्क में सुनाई घंटी की आवाज

पुलिस टीम मंगलवार देरशाम हिमांशु प्रजापति को ईको पार्क ले गई। इसी वक्त एक फरवरी की शाम उसने गौरी के मोबाइल पर उसकी मां तृप्ता से बात की थी।

हिमांशु ने टिकटघर दिखाने के साथ बताया कि गौरी के मोबाइल पर कॉल आने पर कुछ दूर स्थित मंदिर की तरफ जाकर बात की थी।

मंदिर में मंगलवार शाम को भी घंटी बज रही थी। पुलिस का कहना है कि गौरी की मां ने अपने बयान में गौरी के दोस्त से बातचीत के दौरान मंदिर की घंटी सुनाई देने का जिक्र किया था।
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गला दबाने के चार घंटे बाद काटा

पुलिस टीम ने जानकारी दी कि एक फरवरी की दोपहर गौरी को विभिन्न स्थानों पर घुमाते हुए हिमांशु अपने घर ले गया।

दोपहर तीन-चार बजे के बीच गला दबाया था। इसके बाद ताला लगाकर निकला। अनुज के साथ बीयर पी और विभिन्न स्थानों पर घूमने के बाद रात आठ बजे आरी व बैग लेकर लौटा।

नाली में गौरी के कपड़े ठूंसे। इसके बाद लाश ठिकाने लगाने के लिए उसके शरीर के टुकड़े किए थे। टुकड़े कर बैग में भरने व फर्श साफ करके उन्हें ठिकाने लगाने के लिए घर से निकलने में डेढ़ घंटा लगा था।
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