फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी के होटल में दबोचे गए जुआरी,लाखों रुपए बरामद

Fri, 07 Aug 2015 10:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ में नाका के पानदरीबा में दुगांवा में बृहस्पतिवार रात पुलिस ने होटल सरन पर छापा मारकर जुआरियों को दबोचा। हत्थे चढ़े जुआरियों में अधिकतर व्यापारी हैं और रसूखदारों से संपर्क है।
विज्ञापन


पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रति व्यक्ति 500 रुपये वसूलने के बाद जुआ खेलने के लिए होटल में एंट्री दी जाती थी। पकड़े गए लोगों में होटल संचालक भी शामिल है। उनके पास से चार लाख 15 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं।

इंस्पेक्टर नाका ने बताया कि काफी दिनों से नाका के होटल सरन में संदिग्ध लोगों के जमावड़े लगने की सूचना मिल रही थी। देर शाम छापा मारा,तो वहां एक बड़े हॉल में बीस लोग जुआ खेलते हुए मिले।
विज्ञापन


इसके पुलिस ने सभी को दबोच लिया। इनमें होटल संचालक वीरेंद्र कश्यप भी है। इसके अलावा विशाल,जमील,सोनू निगम,सईन अहमद,सुप्रित सिंह,आनंदेश्वर,शकील,अनुज ,फैज अहमद,गिरिजा शंकर शामिल हैं।

इनमें से अधिकतर जुआरी व्यापारी हैं। कुछ ट्रैवेल एजेंसी के मालिक हैं और कई खुद को छात्र बता रहे हैं। हालांकि सभी का रसूखदार लोगों से सीधा संबंध है। पकड़े जाने के साथ ही उनकी पैरवी में नाका थाने से लेकर पुलिस अधिकारियों तक के फोन घनघनाने लगे। हालांकि किसी को भी छोड़ा नहीं गया।
विज्ञापन

होटल की आड़ में हो रहा था जुएं का गोरखधंधा

होटल संचालक ने दो वर्ष पहले इसे लीज पर लिया था। इसके बाद से ही यहां होटल व्यवसाय की आड़ में जुआ खिलाने का गोरखधंधा हो रहा था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रति व्यक्ति 500 रुपये वसूलने के बाद जुआं खेलने के लिये होटल में एंट्री दी जाती थी।

इसके लिए होटल में पूरे इंतजाम किए गए थे। किसी को भी भनक तक इसकी न लग सके इसलिए चारों ओर से घेराबंदी भी की जाती थी। कई बार तो पार्टी के नाम पर बड़े स्तर पर जुआ खिलाया जाता था।

एक दिन में फड़ पर बिछते थे लाखों रुपए
इस होटल में जुआ खेलते समय कभी-कभी फड़ पर लाखों रुपये बिछ जाते थे। खेलने वालों की कोई लिमिट नहीं होती थी। पुलिस से बचने के लिए होटल में सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जाती थी। साथ ही भागने के लिए पीछे से एक रास्ता भी बनाया गया था।

आसपास के लोगों का कहना है कि होटल में कई पुलिस कर्मियों का भी अक्सर आनाजाना था। ऐसे में सवाल उठता है कि उन पुलिस कर्मियों को जुआ खेले जाने की जानकारी अब तक क्यों नहीं हुई। जुआरियों के पकड़े जाने के बाद अब पुलिस कर्मियों की भूमिका के बारे में भी जांच पड़ताल की जा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें