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फर्जीवाड़ा कर हथिया लिया पीडब्ल्यूडी का टेंडर

Sat, 26 Oct 2013 02:01 AM IST
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
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क्रॉम्प्टन ग्रीव्ज लिमिटेड कंपनी के इंजीनियर के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर पीडब्ल्यूडी में पंखे लगाने का टेंडर लेने का मामला प्रकाश में आया है।
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खास बात यह है कि टेंडर लेने वाली ठेकेदार फर्म ने कंपनी के जिस इंजीनियर के हस्ताक्षर से जारी रेट कांट्रैक्ट का पत्र लगाया है,वह तीन साल पहले ही नौकरी छोड़ चुका है।

पूर्व इंजीनियर को जब इसकी जानकारी मिली तो उसने हजरतगंज कोतवाली में ठेकेदार फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में एफआईआर दर्ज कराई।

हालांकि, पुलिस और पीडब्ल्यूडी ने अब तक ठेकेदार फर्म के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

जानकीपुरम स्थित सहारा एस्टेट निवासी प्रवीन शर्मा क्रॉम्प्टन ग्रीव्स कंपनी लिमिटेड में इंजीनियर थे। सितंबर 2010 में उन्होंने कंपनी छोड़कर दूसरी नौकरी जॉइन कर ली।
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बकौल प्रवीन, 27 सितंबर को क्रॉम्प्टन ग्रीव्स कंपनी के कॉमर्शियल मैनेजर विवेक अस्थाना ने उन्हें फोन किया।

मैनेजर ने बताया कि उनके हस्ताक्षर से कंपनी के लेटरपैड पर दस अगस्त 2013 को रजत दास गुप्ता की फर्म आरडी एसोसिएट्स के पक्ष में एक रेट कांट्रैक्ट जारी किया गया है।

इसके जरिए आरडी एसोसिएट्स ने पीडब्ल्यूडी में सीलिंग फैन का टेंडर लिया है। प्रवीन ने कहा कि वह तीन साल पहले ही कंपनी छोड़ चुके हैं। किसी ने उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर रेट कांट्रैक्ट जारी किया है।
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उन्होंने पीडब्ल्यूडी से छानबीन कराई तो पता चला कि आरडी एसोसिएट्स ने डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सप्लायर्स एंड डिस्पोजल्स की आरसी भी फर्जी लगाई थी।

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प्रवीन ने अपने नाम का दुरुपयोग और फर्जी हस्ताक्षर बनाने का आरोप लगाते हुए आरडी एसोसिएट्स के खिलाफ हजरतगंज थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई।

प्रवीन का कहना है कि आरडी एसोसिएट्स के खिलाफ चेक बाउंस सहित अन्य मामले हैं। बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही।

पीडब्ल्यूडी से भी उसका टेंडर निरस्त नहीं किया जा रहा है। उधर, एफआईआर दर्ज होने के बाद आरडी एसोसिएट्स की तरफ से हजरतगंज कोतवाली में एक शपथपत्र दिया गया है।

जिसमें रेट कांट्रैक्ट क्रॉम्प्टन ग्रीव्स लिमिटेड कंपनी की तरफ से दिए जाने की बात कही गई है।

शपथपत्र में लिखा है कि प्रवीन शर्मा के हस्ताक्षर से जारी लेटरहेड उन्हें कंपनी के ईआईसी फैंस डीपी सिंह ने दिया था।

इंस्पेक्टर हजरतगंज अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। दोनों पक्ष से कागजात मंगाए गए हैं।
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