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पछता रहा है बेटी को मारने वाला 'दरिंदा' बाप

Sat, 26 Oct 2013 12:36 AM IST
अमर उजाला, लक्सर
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हरिद्वार जनपद के रायसी गांव में अपनी नवजात बच्ची की बेरहम तरीके से हत्या करने के आरोपी पिता शमशाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
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लक्सर क्षेत्र के रायसी निवासी शमशाद की बीवी ने 18 अक्तूबर को तीसरी बेटी को जन्म दिया था। इस बात से खफा पिता पहले तो काफी देर तक बीवी और बच्ची को कोसता रहा।

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मौत के घाट उतार दिया
आरोप है कि अचानक गुस्से में आए पिता ने नवजात बच्ची को सिर के बल जमीन पर पटक कर मौत के घाट उतार दिया। बहन ने बच्ची को बचाने की खूब मन्नतें की थी, लेकिन आरोपी के अपना खून बहाने में हाथ नहीं कांपे।
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पत्नी के मुंह से रोते हुए यह सच बाहर आया तो हर कोई दंग रह गया। गांव से निकलकर बात पुलिस तक पहुंच गई। मीडिया और दूसरे संगठनों ने दबाव बनाया तो पुलिस ने प्रशासन की अनुमति लेकर बच्ची का शव कब्र से निकलवा लिया।

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मौत सिर में गंभीर चोट लगने के कारण हुई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्ची की मौत सिर में गंभीर चोट लगने के कारण हुई हैं। इस तथ्य के बाद चौकी इंचार्ज बीएम राणा की तरफ से पिता शमशाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कत्याल ने बताया कि हत्यारोपी शमशाद को गिरफ्तार कर लिया।

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झगडे़ में गिरी बच्ची
पुलिस हिरासत में आरोपी शमशाद खुद को बेकसूर बता रहा है। शमशाद ने अपनी सफाई में पुलिस को बताया कि बीवी से झगड़ते समय बच्ची बिस्तर से नीचे गिर गई थी, जिस कारण सिर पर गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। सिर के बल पटकने की बात से आरोपी ने इंकार किया है।

पहले भी हुई ऐसी घटना
भिक्कमपुर क्षेत्र में पांच साल पहले भी इस तरह की दिल दहला देने वाली घटना हो चुकी है। पिता ने अपने दो साल के पुत्र की गला दबाकर हत्या कर दी थी। पत्नी की ओर से आरोपी पिता के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। उस समय भी आरोपी को जेल की सीखचों के पीछे जाना पड़ा था।

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छिपाए नहीं छिपा हत्यारे का पाप
दो बेटियां होने के बाद पुत्र की आस लगाए बैठे ग्रामीण ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसका गुस्सा उसे सलाखों के पीछे धकेल देगा। पुत्र की चाह और गुस्से की आग ने उसे इस कदर अंधा कर दिया कि उसने बिना कुछ सोचे समझे मासूम को बेदर्दी से मौत के घाट उतार दिया। नवजात ने तो इस दुनिया में आंखें भी नहीं खोली थी। उसका जन्मदाता ही उसकी जान का दुश्मन बन गया। चार दिन बाद हत्यारे पिता का पाप कब्र से बाहर निकल आया।
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