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ट्रेन में सफर करते मिला फर्जी एडीआरएम

Thu, 23 Jan 2014 09:08 AM IST
निशांत/अमर उजाला, लखनऊ
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रेलवे में फर्जी अफसरों के पकड़े जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कभी विजिलेंस इंस्पेक्टर तो कभी एडीआएम बनकर रौब गांठते नटवर लाल पकड़े जा रहे हैं।
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बुधवार को एक और फर्जी एडीआरएम पकड़ा गया। यह फर्जी एडीआरएम लोकमान्य तिलक टर्मिनल-गोरखपुर एक्सप्रेस की एसी द्वितीय में मुफ्त यात्रा कर रहा था।

बिहार के सारण जिले के थाना परता के बक्सन गांव निवासी संजय सिंह खुद को असम के किसी रेल मंडल का एडीआरएम बताकर बुधवार को ट्रेन 12542 एलटीटी-गोरखपुर सुपरफास्ट के एसी द्वितीय बोगी में चढ़ गया।

लखनऊ जंक्शन से ट्रेन के छूटने के बाद संजय सिंह रसोई यान में पहुंच गया और वेंडरों से खानपान सामग्री की जांच कराने को कहा। इस पर टीटीई प्रभात कुमार सिंह को शक हो गया।
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प्रभात की सूचना पर सीनियर डीसीएम राधेश्याम ने तुरंत मुख्य टिकट इंस्पेक्टर मुकुल शाह के नेतृत्व में टीम रवाना की। यह टीम बादशाहनगर से चढ़ी और संजय सिंह का टिकट चेक करने लगी।

संजय सिंह ने मेटल पास होने की बात कही। मुकुल शाह ने जब मेटल पास दिखाने को कहा तो वह सस्पेंड करने की धमकी देने लगा। ट्रेन के बस्ती पहुंचने से पहले आरपीएफ को बुलाकर उसे हिरासत में ले लिया गया।

पूछताछ में संजय सिंह ने खुद को एक निजी कंपनी का कर्मचारी बताया। संजय सिंह के पिता आरडी सिंह रेलवे में आरपीएफ कमांडेंट के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

डेढ़ साल पहले चारबाग स्टेशन पर तत्कालीन स्टेशन प्रबंधक अमिताभ कुमार ने एक फर्जी एडीआरएम को पकड़ा था। जबकि कृषक एक्सप्रेस में एक फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर भी पकड़ा गया था।
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एनई रेलवे डीआरएम कार्यालय में एक साल पहले गुजरात के एक रेल मंडल का डीआरएम बताने वाला जालसाज पकड़ा गया था।
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