हमको तो यारा तेरी यारी, जान से भी प्यारी... महज फिल्मी गीत नहीं बल्कि आज भी दुनिया में ऐसे दोस्त हैं जो यार के साथ जीते व यार के साथ मरते हैं।
इसकी मिसाल सोमवार को गोमती नगर में उस वक्त मिली जब रेल ट्रैक पर एक युवक का पैर फंस गया।
उसके दोस्त ने उसे बचाने की जी-जान से कोशिश की पर नाकामयाब रहने पर दोस्त के साथ उसे इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
आखिरी दम तक करता रहा दोस्त की मदद
गोमतीनगर क्षेत्र में सोमवार सुबह एक युवक का पैर रेलवे ट्रैक में फंस गया। चीख सुनकर उसका साथी दौड़ा और दोस्त का पैर निकालने की कोशिश करने लगा।
सामने से पटरी पर ट्रेन आती देख दोनों ने मदद के लिए शोर मचाना शुरू किया। तमाम प्रयास के बावजूद पैर तो नहीं छूटा।
इस बीच ट्रेन सिर पर आ चुकी थी और उसकी चपेट में आकर दोनों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। सीतापुर निवासी दोनों युवक अपने जिले के ही एक ठेकेदार के लिए काम करते थे।
दोनों साथ में रहते थे
पुलिस के मुताबिक, सीतापुर निवासी उत्तम (25) और उसका साथी बिंद्रा (30) छह महीने से अपने ही जिले के ठेकेदार दलवीर के लिए काम करते थे।
दोनों युवक गोमतीनगर विस्तार में झोपड़पट्टी बनाकर साथ ही रहते थे। सुबह करीब छह बजे दोनों विरामखंड के पास निर्माणाधीन ओवर ब्रिज के नीचे रेलवे लाइन पार कर रहे थे।
इसी दौरान बिंद्रा का पैर चप्पल सहित ट्रैक में फंस गया। कोशिश के बावजूद पैर न निकलने पर उसने उत्तम को आवाज दी। दोस्त का पैर फंसा देख उत्तम उसे निकालने की कोशिश करने लगा।
काफी कोशिश के बावजूद पैर नहीं निकला। इसी बीच ट्रैक पर ट्रेन आ गई। सामने मौत देख भी उत्तम ने दोस्त का साथ नहीं छोड़ा और बिंद्रा को बचाने की कोशिश करता रहा। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
दोनों की हुई मौके पर बात
धड़धड़ाती ट्रेन दोनों के ऊपर से निकल गई। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। करीब 11 बजे राहगीरों ने शव देख पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे एसआई इंद्रपाल ने छानबीन शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों से पूरा घटनाक्रम पता चलते ही सबकी आंखें नम हो गईं। बिंद्रा की चप्पल ट्रैक में फंसी पाई गई।
दो युवकों का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शिनाख्त के प्रयास शुरू किए गए। जानकारी पर पहुंचे ठेकेदार दलबीर ने दोनों की पहचान की। हादसे की सूचना पर परिवारों को दे दी गई है।