पुलिस के मुताबिक जालसाजों ने बताया कि वे लोग रेलवे की फर्जी वेबसाइट के माध्यम से बेरोजगार युवकों व युवतियों का आवेदन पत्र स्वीकार कर लेते थे। प्रति व्यक्ति से 15 लाख रुपये लेकर उन्हें नौकरी देने का वादा करते थे।
रकम मिलने के बाद उनका फर्जी रिजल्ट वेबसाइट पर अपलोड कर देते थे, जिससे उन्हें नौकरी मिलने का पूरा विश्वास हो जाए। इतना ही नहीं इसके बाद जालसाज उन लोगों को बुलाकर आलमबाग स्थित रेलवे कॉलोनी की एक पुरानी बिल्डिंग में प्रतिदिन ट्रेनिंग भी देते थे। अब गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।