सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव और कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव की आवाज में फोन कर सिफारिशें करने वाले फर्जी आईएएस रामशंकर शाक्य और उसके पीए को शनिवार रात हजरतगंज चौराहा स्थित कसमंडा हाउस से पुलिस ने दबोच लिया।
खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को फोन करके एक व्यक्ति को खनन भंडारण का लाइसेंस देने की सिफारिश करने के बाद शाक्य की कारगुजारी सामने आई थी। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। शाक्य प्रतीक और शिवपाल के नाम पर कई अफसरों को अर्दब में लेकर काम करा चुका है। इससे उसने करोड़ों रुपये कमाए।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक साइबर क्राइम सेल के साथ हजरतगंज व गौतम पल्ली थाने की पुलिस टीम ने कसमंडा हाउस में दो फ्लैट किराए पर लेकर रह रहे रामशंकर शाक्य व उसके पीए फिराक हुसैन को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद हुए।
इनमें एक में प्रतीक यादव के नाम से जारी सिमकार्ड पड़ा था। इसके अलावा पंधारी यादव सचिव मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन की मुहर, प्रबंध निदेशक भारतीय प्रशासनिक सेवा संस्थान (प्रा) की मुहर, डॉ आरएस शाक्य आईएएस का विजिटिंग कार्ड, डॉ. आरएस शाक्य मैनेजिंग डायरेक्टर का फोटोयुक्त विजिटिंग कार्ड, विभिन्न बैंकों के लाखों रुपये के भरे हुए चेक मिले।
सफाई कर्मी व समूह ‘ग’ की भर्ती व अन्य विभागों में नौकरी के लिए आवेदनपत्र, बड़ी संख्या में स्थानांतरण प्रार्थनापत्र, पुलिस भर्ती के प्रवेशपत्र, राज्य कृषि मंडी उत्पादन में भर्ती का आदेश, कई अफसरों के फर्जी सिफारिशी पत्र, ठेकेदारी पंजीकरण के संबंध में प्रमाणपत्र व अन्य प्रपत्र बरामद हुए हैं।