सिटी मांटेसरी स्कूल (सीएमएस) की एलडीए ब्रांच में नौकरी का झांसा देकर
लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है।
एक स्कूल की प्रधानाचार्य का आरोप
है कि उनके बेटे की नौकरी लगवाने के लिए ठगों ने सात लाख से अधिक की रकम
हड़प ली।
आलमबाग के ओमनगर निवासी अर्चना
श्रीवास्तव बालिका सरस्वती विद्यालय में प्रधानाचार्य हैं। उन्होंने छोटा
बरहा निवासी शालिनी मिश्रा, उनके पिता कमल किशोर और मां सहित ओमप्रकाश सिंह
और एमडी मुदिन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट लिखाई है।
अर्चना के
मुताबिक शालिनी सीएमएस एलडीए के ऑपरेशन डिपार्टमेंट में प्रोजेक्ट्स का
काम देखती है। अप्रैल 2012 में शालिनी ने उनके बेटे सुमित को सीएमएस में
प्रोजेक्ट मैनेजर की नौकरी दिलाने की बात कही थी।
बकौल अर्चना, फार्म
भरवाने के साथ ही शालिनी ने एमडी मुदिन के एकाउंट में बतौर सिक्योरिटी मनी
75,000 रुपये जमा करवा दिए। नौकरी मिलने पर शालिनी ने यह रकम वापस करने की
बात कही थी।
बीच-बीच में वह कभी 5,000 तो कभी 25,000 रुपये बैंक एकाउंट में
जमा कराती रही। इस तरह उन्होंने शालिनी को 7,12,151 रुपये दे दिए। इसके
बाद शालिनी ने इंटरव्यू कराने की बात कही।
हालांकि कई महीने बीत गए लेकिन
इंटरव्यू नहीं हुआ। अर्चना ने बताया कि रुपया वापस मांगने पर शालिनी और
उसके परिवार के सदस्य टालते रहे।
बीते वर्ष 2013 नवंबर तक पैसा नहीं मिला
तो शालिनी पर दबाव बनाने के लिए अर्चना उसके कुछ परिचितों को लेकर उसके घर
पहुंच गईं। इस पर शालिनी के घरवालों ने अभद्रता करते हुए उनको भगा दिया।
इसके बाद अर्चना ने पुलिस के चक्कर काटने शुरू किया। बीते दिन आलमबाग थाना
में उनकी एफआईआर दर्ज की गई। अर्चना ने बताया कि बेटे सुमित ने घर में
साइबर कैफे खोला था।
शालिनी वहां आती-जाती थी। इस दौरान पूरे परिवार से
उसका परिचय हो गया। उन्होंने कहा कि इसी भरोसे के चलते उन लोगों ने शालिनी
को रुपये दिए थे। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।