उड़ीसा की एक इनवेस्टमेंट कंपनी का दफ्तर खोलकर शहर के लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी की गई।
डाक्टर, रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के अलावा प्रापर्टी डीलर और निजी फर्म कर्मियों ने भी बेहतर इंटरेस्ट के लालच में लाखों रुपये लगाए थे।
ब्याज मिलना बंद हो गया तो लोगों ने संपर्क किया। अब आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
लाजपतनगर निवासी चाइल्ड स्पेशलिस्ट डा. अनुराग दुबे ने बताया कि वर्ष 2011 में करनपुर के डॉक्टर फिरासत अली ने उन्हें रोडवेज के पास उड़ीसा की ग्रीन रे इंटरप्राइजेज कंपनी का दफ्तर खुलने की जानकारी देकर रकम लगाने के लिए कहा था।
उन्होंने बताया कि कंपनी प्रति लाख हर माह ढाई प्रतिशत की दर से ब्याज देगी। भरोसा करके डा. अनुराग ने चार लाख रुपये लगा दिए। हर माह उन्हें ब्याज भी मिलने लगा।
इसके बाद फिरासत ने मंडी चौक के व्यापारी सुशील रस्तोगी, लाइनपार के रिटायर्ड रेलवे कर्मी महेंद्र प्रसाद, कासिम हुसैन, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर प्रमिला गुप्ता आदि से रकम जमा कराई।