नौकरी दिलाने के नाम पर नेशनल सोलर इनर्जी लिमिटेड नामक कंपनी ने दो सौ बेरोजगारों से एक करोड़ रुपये हड़प लिए।
मंगलवार को पुलिस ने जालसाजों के अंतर्राज्यीय गैंग का भंडाफोड़ कर कंपनी के संचालक, मैनेजिंग डायरेक्टर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने कंपनी के दफ्तर से सैकड़ों आवेदन पत्र, बिना मुद्रक वाला पंपलेट, कंप्यूटर, 9 मोबाइल फोन, तमाम लेटरपैड व मोहरें बरामद की हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूलते हुए अपने साथियों के नाम बताए हैं। पुलिस के मुताबिक जालसाजों ने यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार व झारखंड के सैकड़ों बेरोजगारों को चूना लगाया है।
सीओ कृष्णानगर राज कुमार अग्रवाल के मुताबिक, जौनपुर के श्याम सुंदर गुप्ता ने क्राइम ब्रांच को तहरीर देकर शिकायत की थी कि एलडीए कॉलोनी में पराग डेरी के पास अखिलेश त्रिपाठी के मकान में नेशनल सोलर इनर्जी लिमिटेड कंपनी का दफ्तर है।
कंपनी ने लाइनमैन, ब्लॉक प्रोजेक्ट इंचार्ज, डिस्ट्रिक प्रोजेक्ट इंचार्ज एवं मुख्य कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था।
एजेंटों के जरिए यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार व झारखंड के बेरोजगारों ने विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया। कंपनी के संचालक ों ने आवेदन स्वीकृत करने के बाद बेरोजगारों से ट्रेनिंग के लिए रुपये की डिमांड की।
इसके बाद उन्हें कंपनी की ओर से ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया। श्याम सुंदर का कहना है कि कंपनी संचालकों ने उससे दो शिफ्टों में 1.20 लाख रुपये वसूले हैं।
शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने जांच की और मामला सही मिलने पर कृष्णानगर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया। मंगलवार सुबह इंस्पेक्टर कृष्णानगर रामसनेही यादव, उपनिरीक्षक उमाकांत, क्राइम ब्रांच के कांस्टेबल कलीम, संदीप के साथ कंपनी के दफ्तर पर छापेमारी कर कंपनी संचालकों समेत पांच को दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान जौनपुर के जफराबाद के चंद्र प्रकाश शुक्ला, जौनपुर सरपतहा निवासी आनंद देव तिवारी, आजमगढ़ के देवगांव निवासी मनीष तिवारी, इलाहाबाद के कछवा चडिया निवासी अमलेन्दु उर्फ एके पांडेय व जौनपुर के सराजख्वाजा अंगदपुर निवासी धनिकराज यादव के रूप में हुई है।
इनमें चंद्र प्रकाश व आनंद देव कंपनी संचालक हैं। जबकि अमलेन्दु कंपनी का एमडी है। पुलिस के मुताबिक चंद्र प्रकाश परास्नातक, आनंद देव एलएलबी, मनीष बीएससी, धनिकराज बीएससी व एके पांडेय बीएससी पास आउट हैं।
सभी आरोपी फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अपना बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर 200 बेरोजगारों से 50 हजार से एक लाख रुपये तक वसूले।
आरोपियों ने बताया कि एजेंटों के जरिए विभिन्न यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार व झारखंड से बेरोजगारों को जाल में फंसाते थे। फिर नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये ऐंठते थे।
पुलिस के मुताबिक जालसाजों ने बेरोजगारों से करीब 1 करोड़ रुपये वसूले हैं। इस दौरान भदोही से आए अभिनव ने बताया कि, परीक्षित पांडेय नामक शख्स ने उससे नौकरी दिलाने के लिए 80 हजार रुपये वसूले थे।