एलयू में छात्रनेता सोनू गोस्वामी पर गेट नंबर एक (भाऊराव देवरस द्वार) के बाहर हाकी-डंडे व असलहे से लैस दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया।
मोटर साइकिल व स्कार्पियो गाड़ी पर बैठकर आए इन हमलावरों ने उसे बुरी तरह पीटा। उसके सिर व चेहरा बुरी तरह जख्मी हो गया है और ट्रामा सेंटर में करीब छह घण्टे बाद होश वापस आया।
अभी वह कुछ भी ढंग से बोलने की स्थिति में नहीं है क्योंकि उसके मुंह और सिर पर करीब बारह टांके लगे हैं।
एलयू में दोपहर करीब दो बजे हुई इस घटना के बाद सनसनी फैल गई और मौके पर मौजूद छात्रों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
इसके बाद पुलिस की जीप पर उसे बैठाकर छात्रों की मदद से किस तरह ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। अभी पुलिस व लखनऊ विश्वविद्यालय का प्रॉक्टोरियल बोर्ड उसके बयान लेने के बाद ही आगे कोई कार्रवाई करेगा।
फिलहाल प्रथम दृष्टया इस मामले में पुरानी रंजिश ही सामने आ रही है और एलयू के ही एक दबंग छात्रनेता का नाम सामने आ रहा है।
दोपहर करीब दो बजे हुए इस हमले में एलयू के आसपास दहशत फैल गई। परिसर से बाहर निकल रहे स्टूडेंट में भगदड़ मच गई और छात्राएं जोर-जोर से चीखने लगीं।
निहत्थे खड़े एलयू के गार्ड भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। हमलावरों ने उसे बुरी तरह गिराकर पीटा और वह उसे मारने के इरादे से आए थे। मोटरसाइकिल व स्कार्पियो सवार यह हमलावर असलहा लहराते हुए मौके से आराम से फरार हो गए।
मामले की जानकारी पाकर मौके पर एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. ओपी शुक्ला व प्रॉक्टोरियल टीम पहुंची। इसके बाद गंभीर रूप से घायल हुए छात्रनेता के खेमे से जुड़े स्टूडेंट उसे आनन-फानन में ट्रामा सेंटर ले गए।
उसके मुंह का जबड़ा व चेहरा और सिर बुरी तरह जख्मी हो गया है। करीब बारह टांके उसे लगाए गए हैं। ट्रामा सेंटर में उसे रात करीब सवा आठ बजे होश वापस आया तो साथियों ने राहत की सांस ली।
मगर अभी तक वह कुछ भी बोलने में सक्षम नहीं है, लेकिन उसने इशारों से एलयू के ही एक छात्रनेता की ओर इशारा किया है। इससे अभी कुछ दिन पहले पैसे के लेन-देन को लेकर कहासुनी हुई थी। यही नहीं तीन साल पहले भी दोनों में झगड़ा हुआ था।