फर्जी हस्ताक्षर व सील के सहारे शस्त्र लाइसेंस जारी करने के मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने हत्या के एक आरोपी का शस्त्र लाइसेंस सत्यापन के लिए भेजा था, जांच में लाइसेंस फर्जी पाया गया है।
इसे डिप्टी कमिश्नर को लाइसेंस अफसर दर्शाते हुए न्यू एरिया गोमतीनगर के पते पर जारी किया गया था। शस्त्र प्रभारी ने सत्यापन के लिए आए लाइसेंस की फोटो स्टेट देखते ही खामी पकड़ते हुए रिपोर्ट भेज दी है।
इससे पूर्व भी दिसंबर 2013 में दूसरे राज्यों से मांगी गई सत्यापन रिपोर्ट में चार लाइसेंस फर्जी पाए जा चुके हैं। इसमें खुलासा हुआ था कि शहर में फर्जी मुहर और हस्ताक्षर से लाइसेंस बनाने का खेल हो रहा है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि दिल्ली में 18 फरवरी को सत्येंद्र सिंह की हत्या के आरोप में पुलिस ने नीरज कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया था।
आरोपी के पास से .32 की लाइसेंसी बतायी जाने वाली पिस्टल बरामद हुई थी। पिस्टल लखनऊ से जारी दर्शाए गए शस्त्र लाइसेंस पर बलिया से खरीदी गयी थी।
शस्त्र लाइसेंस पर आरोपी का पता नीरज कुमार शर्मा पुत्र अवधेश शर्मा निवासी न्यू एरिया गोमती नगर दर्ज था और इसे लखनऊ के जिलाधिकारी की मुहर व डिप्टी कमिश्नर लाइसेंस ऑफिसर के हस्ताक्षर से जारी दर्शाया गया था।
प्रथम दृष्टया ही फर्जी लगने वाले लाइसेंस की सत्यापन रिपोर्ट दिल्ली पुलिस ने बीते दिनों सिटी मजिस्ट्रेट व शस्त्र प्रभारी से तलब की थी।
सिटी मजिस्ट्रेट ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिख कर फर्जी हस्ताक्षर व मुहर से सुनियोजित तरह से शस्त्र लाइसेंस जारी करने का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह की धरपकड़ को पूरे मामले की गहन और गोपनीय जांच कराने को भी कहा है।