फेसबुक पर लड़कियों से दोस्ती कर ठगने वाले नाइजीरियन गैंग की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
अब क्राइम ब्रांच की टीम नाइजीरिया के जेम्स इलोडूबा के गिरोह के अन्य साथियों की तलाश करेगी।
पूछताछ में पता चला है कि भारत आने के बाद जेम्स चेन्नई से थोक में टी-शर्ट खरीदकर नाइजीरिया एक्सपोर्ट करता था।
साइबर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश चंद मालवीय ने बताया कि जेम्स हार्ट पेशेंट है और बीते वर्ष उपचार के लिए भारत आया था। कुछ दिन उपचार कराकर वह नाइजीरिया लौट गया।
इसके बाद 16 अक्तूबर को बिजनेस वीजा पर आया। दिल्ली के तिलकनगर में एक अन्य नाइजीरियन युवक का रूम पार्टनर बनकर रहता था।
बिजनेस से होने वाली कमाई फर्म उसके परिवार को दे देती थी। चेन्नई से खरीदने के दौरान मिलने वाले कमीशन से जेम्स का खर्च चलता था।
उसके साथ रहने वाले नाइजीरियन की फेसबुक पर कई भारतीय लड़कियों से दोस्ती थी। वह अक्सर लड़कियों को दिल्ली बुलाकर मौज-मस्ती भी करता था।
उसी की देखादेखी जेम्स ने लड़कियों को फंसाने के लिए ब्रिटिश युवक की फोटो लगाकर फेलिप एंथोनी के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाई। हालांकि,राजीवनगर निवासी एक युवती को प्रेमजाल में फंसाकर करीब ढाई लाख रुपये वसूलने के मामले में फंस गया।
इंस्पेक्टर मालवीय ने बताया कि जेम्स की इस फर्जी फेसबुक प्रोफाइल की छानबीन में कई लड़कियों से दोस्ती की जानकारी में मिली है। हालांकि, यह नहीं पता लग सका कि कितनों के साथ ठगी की गई।
कस्टम अधिकारी बनकर शिकार से फोन पर बातचीत करने वाले जेम्स के साथी कौन थे? उन्होंने फर्जी आईडी से फोन नंबर कहां से और कैसे लिया? पैसा जिस एकाउंट में जमा कराया जाता था, उसका संचालन कौन और कैसे करता था? ऐसे तमाम सवालों की पड़ताल क्राइम ब्रांच ने शुरू कर दी है।
दिल्ली के जिस तिलकनगर इलाके में जेम्स इलोडूबा रहता था उसे नाइजीरिया से आए युवकों का अड्डा माना जाता है। बताते हैं कि तिलकनगर के लगभग हर मकान में नाइजीरियन युवक किराये पर रहते हैं। इसमें से कई युवक पढ़ाई तो कई बिजनेस और इलाज के लिए भारत आते हैं।