निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पने के आरोपी मैग्नम ग्रुप के निदेशकों के पिता ने गुडंबा पुलिस पर गिरफ्तारी के दौरान लूटपाट, अभद्रता, महिलाओं से छेड़खानी व धमकी देने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज मुकदमे में एक दरोगा व कांस्टेबल को नामजद किया गया है। खास बात यह है कि रिपोर्ट दर्ज कराने वाला भी गड़बड़ घोटाले में जेल में बंद है।
प्रभारी एसओ राममूर्ति यादव ने बताया कि मैग्नम ग्रुप के निदेशक अरुण चतुर्वेदी के पिता रमापति चौबे ने कोर्ट में अर्जी दी थी कि सात सितंबर को गुडंबा थाने पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी।
इस दौरान पुलिस ने महिलाओं से छेड़खानी की और तोड़फोड़ के साथ गहने व नगदी लूट लिए। विरोध करने पर निदेशक वरुण चतुर्वेदी, नीलम चतुर्वेदी के साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी।
इसके साथ अरुण को घर से पकड़ ले गए। इस अर्जी पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
मामला दर्ज करने के साथ एसएसपी को आख्या भेजी गई है कि घोटाले के आरोपी अरुण चतुर्वेदी की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से इजाजत लेकर पुलिस ने सात सितंबर को उसके घर दबिश दी थी।
लूटपाट व अन्य आरोप निराधार हैं। घर वालों ने गिरफ्तारी का विरोध किया था और सफल न होने पर झूठे आरोप लगाए हैं।
प्रभारी एसओ ने बताया कि मैग्नम ग्रुप के निदेशकों के खिलाफ अब तक 75 मामले दर्ज हो चुके हैं। अरुण चतुर्वेदी, वरुण चतुर्वेदी व नीलम चतुर्वेदी को बंदी बनाने के बाद उनके पिता रमापति चौबे को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।