मशहूर कवि शैल चतुर्वेदी के पुत्र का सीरियल दूरदर्शन पर दिखाने के लिए 2
लाख रुपये की रिश्वत मांगने और एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ
गिरफ्तार किए गए दूरदर्शन केंद्र लखनऊ के तत्कालीन निदेशक प्रभु झिंगरन को
दोषी ठहराया गया है।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश राजेन्द्र सिंह ने उन्हें
तीन साल के कठोर कारावास के साथ 1.10 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया
है।
जुर्माना अदा न करने पर प्रसिद्ध चित्रकार, लेखक व पत्रकार झिंगरन को
एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
कोर्ट
ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि लोकसेवक के असाधारण रूप से भ्रष्ट आचरण
से ग्रसित होने के कारण मामले में नरमी नहीं दिखाई जा सकती।
कोर्ट ने
कटाक्ष करते हुए कहा कि लोकसेवकों द्वारा भ्रष्टाचार के मामले ने इतना
विशाल रूप ले लिया है कि लोक विभाग का कोई काम भ्रष्टाचार की दुर्गंध से
अछूता नहीं है।
समूचे राष्ट्र में भ्रष्टाचार की गहरी पैठ हो चुकी है और ये
राष्ट्र की गतिविधियों को रोक रहा है, जिसका सभी पर दुष्प्रभाव पड़ रहा
है।
कोर्ट ने भ्रष्टाचार की तुलना कैंसर से करते हुए कहा कि यह शरीर में
कैंसर की तरह लोक सेवा के प्रभावी ढांचे को नष्ट कर रहा है और ईमानदार
अधिकारियों के अंदर हताशा उत्पन्न कर रहा है।
कोर्ट
में सीबीआई की ओर से तर्क देकर कहा गया कि मुंबई निवासी सुप्रसिद्ध कवि
शैल चतुर्वेदी के पुत्र विशाल चतुर्वेदी दूरदर्शन के लिए प्रायोजित
कार्यक्रम का प्रसारण व निर्माण करते हैं।
एक साल से उनके दो धारावाहिकों
का प्रसारण रुका हुआ था, जिसमें से एक का स्वीकृति पत्र, कास्टिंग टाइम
दूरदर्शन द्वारा दिया गया है। दूसरा धारावाहिक विगत 9 वर्षों से प्रसारित
हो रहा था और एक वर्ष का विस्तार मिलने के बावजूद ये रुका हुआ है।
कहा गया
कि दूरदर्शन केंद्र के तत्कालीन निदेशक प्रभु झिंगरन ने दोनों धारावाहिकों
को आगे प्रसारित करने के लिए विशाल चतुर्वेदी से 2 लाख रुपये की रिश्वत
मांगी और 18 जून 2004 को पहली किस्त के रूप एक लाख रुपये लेकर अपने घर पर
बुलाया।
इस पर विशाल ने 17 जून 2004 को एक शिकायती पत्र लखनऊ सीबीआई के
एसपी को दिया। वादी के इस शिकायती पत्र पर सीबीआई ने मामला दर्ज करके
इंस्पेक्टर धीरेन्द्र राय के नेतृत्व में टीम का गठन किया।
जांच एजेंसी ने
डालीबाग स्थित आवास पर दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में प्रभु झिंगरन को
एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
अभियोजन ने अपने तर्कों के
दौरान यह भी कहा कि विशाल चतुर्वेदी के पिता प्रसिद्ध कवि शैल चतुर्वेदी
और प्रभु झिंगरन के बीच मधुर व पारिवारिक संबंध थे। झिंगरन की पुत्री ने
मुंबई में शैल चतुर्वेदी के घर पर रहकर पढ़ाई भी की है।