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लखनऊ में दिनदहाड़े इवेंट प्लानर की गोली मारकर हत्या, एसयूवी से बरामद हुआ खोखा

Fri, 09 Feb 2018 12:17 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के पीजीआई के वृंदावन कॉलोनी में बृहस्पतिवार को दिनदहाड़े इवेंट प्लानर राजकुमार यादव उर्फ बबलू (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कारोबारी का शव उसकी एसयूवी में एक निर्माणाधीन अपार्टमेंट के सामने मिला। घटनास्थल से पुलिस चौकी करीब डेढ़ किमी. दूर है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजवाया। चचेरे भाई की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

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वहीं, फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर एसयूवी को कब्जे में ले लिया है। परिवारीजनों के मुताबिक, राजकुमार ने ही गंजिंग कार्निवाल का इवेंट प्लान किया था। इससे कारोबार में काफी बढ़ोतरी हुई थी। इंस्पेक्टर पीजीआई अरुण कुमार राय ने बताया कि आलमबाग मवैया निवासी राजकुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह बड़े भाई रमाशंकर संग आलमबाग में बहार आर्ट्स एंड इवेंट टेंट हाउस चलाता था।

वृंदावन कॉलोनी के सेक्टर-3 में इस नाम से एक और दुकान खोली थी। केबल व्यवसायी मंझले भाई संजय ने बताया कि सुबह करीब 10.30 बजे घर से निकलते वक्त राजकुमार ने जमीन देखने उन्नाव जाने की बात कही थी। वीआईपी रोड स्थित पेट्रोल पंप से एसयूवी में ईंधन डलवाकर वह दुकान के लिए निकला था।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि इवेंट प्लानर का शव वृंदावन कॉलोनी के निर्माणाधीन एजीआ बुटानिक अपार्टमेंट के सामने एसयूवी में मिला। आशंका है कि इवेंट प्लानर को मामा तिराहे के पास गोली मारी गई। वहां से वह जान बचाकर भागा और एसयूवी अपार्टमेंट के सामने रोक दी। अपार्टमेंट के गार्ड महेंद्र कुमार व वाजिद अली ने एसयूवी में झांका तो पाया कि गाड़ी में बैठे व्यक्ति के सीने में गोली लगी थी।

गार्ड ने तत्काल बिजली कारीगर नीरज शर्मा को बुलाया। नीरज ने ही पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी थी। पुलिस के पहुंचने से पहले राजकुमार की मौत हो चुकी थी। बकौल पुलिस, परिवारीजनों ने किसी पर संदेह नहीं जताया है। राजकुमार के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है।

लाइसेंसी पिस्तौल से करीबी ने मारी गोली

- फोटो : amar ujala
मौके पर पहुंचे एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि राजकुमार को गोली बाहर से मारे जाने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। उसे किसी परिचित ने ही लाइसेंसी पिस्तौल से काफी करीब से गोली मारी है। एसयूवी से .32 बोर का खोखा भी बरामद हुआ है। गोली सीने के बीचोबीच लगी है। लूटपाट भी नहीं की गई है। राजकुमार की सोने की चेन व अंगूठी मिली है। इसके अलावा एक लैपटॉप, तीन मोबाइल और छह हजार नकद मिला है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स ने बताया कि राजकुमार ने अंतिम कॉल सुबह 10.22 बजे अपने मैनेजर व ड्राइवर धर्मेंद्र को की थी। पेट्रोल पंप से ईंधन लेने की पुष्टि हुई है। पंप से लेकर वृंदावन कॉलोनी तक लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की भी फुटेज निकलवाई जा रही है।

परिवारीजनों के मुताबिक, राजकुमार आठ हजार रुपये लेकर निकला था। उसने पत्नी रीना से कहा कि बाहर से बुलाए मजदूर को पेमेंट देनी है। पुलिस के मुताबिक, संभावना है कि राजकुमार ने दो हजार रुपये का ईंधन लिया होगा।

फोन पर चार महीने पहले मिली थी धमकी

इवेंट प्लानर राजकुमार को चार महीने पहले किसी ने फोन पर धमकी भी दी थी। कर्मचारियों ने बताया कि फोन करने वाले से गाली-गलौज भी हुआ था। इसकी मौखिक शिकायत राजकुमार ने आलमबाग थाने में की थी और धमकाने वाले का नंबर भी दिया था। राजकुमार भी मामले को भूल गया और पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। कर्मचारियों ने संदेह जताया कि एसयूवी में कोई व्यक्ति जरूर बैठा था। क्योंकि वह गाड़ी में बैठकर बात करते समय बाएं तरफ घूम जाते थे।

10 साल पहले हुई थी शादी
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे भाई संजय ने बताया कि राजकुमार की शादी 2008 में रीना से हुई थी। दोनों के कोई बच्चा नहीं है। राजकुमार ने बड़े भाई की बेटी कजरी को गोद ले रखा है। इसकी कागजी कार्रवाई अभी नहीं हुई है। राजकुमार का पत्नी या परिवार के किसी भी सदस्य से कोई मतभेद नहीं था।

पांच महीने पहले सड़क हादसे में हुई थी पिता की मौत
परिवारीजनों के मुताबिक, पांच महीने पहले पिता सालिकराम यादव की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। जवान बेटे की हत्या की सूचना पर मां विद्या देवी और परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। जबकि मंझला भाई संजय छोटे भाई का शव देखकर एकदम खामोश हो गया था।
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सट्टे का भी करता था काम

- फोटो : amar ujala
पुलिस के मुताबिक, इवेंट प्लानर राजकुमार प्रॉपर्टी का भी कारोबार करता था। वहीं, कुछ लोगों से पूछताछ में बात सामने आई कि वह सट्टे का भी काम करता था। इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय के मुताबिक, शुरुआती जांच में राजकुमार की हत्या रुपये के लेन-देन में होने की आशंका ज्यादा है।

न सुनी गोली की आवाज, न दिखा संदिग्ध
इंस्पेक्टर के मुताबिक, पूछताछ में घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने न तो गोली चलने की आवाज सुनी न ही एसयूवी के पास से किसी संदिग्ध को भागते देखा। इंस्पेक्टर के मुताबिक, राजकुमार को गोली कैसे व कब गोली लगी। यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
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