मौके पर पहुंचे एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि राजकुमार को गोली बाहर से मारे जाने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। उसे किसी परिचित ने ही लाइसेंसी पिस्तौल से काफी करीब से गोली मारी है। एसयूवी से .32 बोर का खोखा भी बरामद हुआ है। गोली सीने के बीचोबीच लगी है। लूटपाट भी नहीं की गई है। राजकुमार की सोने की चेन व अंगूठी मिली है। इसके अलावा एक लैपटॉप, तीन मोबाइल और छह हजार नकद मिला है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स ने बताया कि राजकुमार ने अंतिम कॉल सुबह 10.22 बजे अपने मैनेजर व ड्राइवर धर्मेंद्र को की थी। पेट्रोल पंप से ईंधन लेने की पुष्टि हुई है। पंप से लेकर वृंदावन कॉलोनी तक लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की भी फुटेज निकलवाई जा रही है।
परिवारीजनों के मुताबिक, राजकुमार आठ हजार रुपये लेकर निकला था। उसने पत्नी रीना से कहा कि बाहर से बुलाए मजदूर को पेमेंट देनी है। पुलिस के मुताबिक, संभावना है कि राजकुमार ने दो हजार रुपये का ईंधन लिया होगा।
इवेंट प्लानर राजकुमार को चार महीने पहले किसी ने फोन पर धमकी भी दी थी। कर्मचारियों ने बताया कि फोन करने वाले से गाली-गलौज भी हुआ था। इसकी मौखिक शिकायत राजकुमार ने आलमबाग थाने में की थी और धमकाने वाले का नंबर भी दिया था। राजकुमार भी मामले को भूल गया और पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। कर्मचारियों ने संदेह जताया कि एसयूवी में कोई व्यक्ति जरूर बैठा था। क्योंकि वह गाड़ी में बैठकर बात करते समय बाएं तरफ घूम जाते थे।
10 साल पहले हुई थी शादी
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे भाई संजय ने बताया कि राजकुमार की शादी 2008 में रीना से हुई थी। दोनों के कोई बच्चा नहीं है। राजकुमार ने बड़े भाई की बेटी कजरी को गोद ले रखा है। इसकी कागजी कार्रवाई अभी नहीं हुई है। राजकुमार का पत्नी या परिवार के किसी भी सदस्य से कोई मतभेद नहीं था।
पांच महीने पहले सड़क हादसे में हुई थी पिता की मौत
परिवारीजनों के मुताबिक, पांच महीने पहले पिता सालिकराम यादव की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। जवान बेटे की हत्या की सूचना पर मां विद्या देवी और परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। जबकि मंझला भाई संजय छोटे भाई का शव देखकर एकदम खामोश हो गया था।
पुलिस के मुताबिक, इवेंट प्लानर राजकुमार प्रॉपर्टी का भी कारोबार करता था। वहीं, कुछ लोगों से पूछताछ में बात सामने आई कि वह सट्टे का भी काम करता था। इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय के मुताबिक, शुरुआती जांच में राजकुमार की हत्या रुपये के लेन-देन में होने की आशंका ज्यादा है।
न सुनी गोली की आवाज, न दिखा संदिग्ध
इंस्पेक्टर के मुताबिक, पूछताछ में घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने न तो गोली चलने की आवाज सुनी न ही एसयूवी के पास से किसी संदिग्ध को भागते देखा। इंस्पेक्टर के मुताबिक, राजकुमार को गोली कैसे व कब गोली लगी। यह स्पष्ट नहीं हो सका है।