दिल्ली से आ रही रोडवेज बस के परिचालक ने शुक्रवार रात सीतापुर से अकेले सवार हुई युवती को बगल वाली सीट पर बैठाया और चलती बस में बिजली बंद करके छेड़खानी करने लगा। हरकतें बर्दाश्त से बाहर होने पर विरोध किया, लेकिन परिचालक नहीं माना।
यात्रियों से भरी बस में बदनामी के डर से भिड़ने की हिम्मत न जुटा सकी युवती ने अपने परिचितों को फोन कर दिया। कैसरबाग बस अड्डे पर पहुंचते ही युवती के करीबी लोगों ने परिचालक को बस से उतार कर बेतहाशा पिटाई की। वजीरगंज पुलिस ने दोनों पक्षों की प्राथमिकी दर्ज करके तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, शाहजहांपुर की रहने वाली एक युवती शुक्रवार रात सीतापुर में दिल्ली से लखनऊ आ रही सीतापुर डिपो की बस में सवार हुई। यात्रियों से भरी बस में अकेले सवार होते ही युवती परिचालक के बगल वाली सीट पर बैठ गई। आरोप है कि शहर से कुछ दूर बस में डीजल भराया।
फिर सुनसान रास्ते पर बस दौड़ने के साथ बिजली बंद कर दी गई। इसके बाद परिचालक चलती बस में छेड़खानी करने लगा। अभद्र भाषा के साथ हरकतें बर्दाश्त से बाहर होने पर विरोध जताया, लेकिन परिचालक नहीं माना।
युवती का कहना है कि अकेले होने के कारण कुछ बोल नहीं पा रही थी। इस पर उसने अपने परिचित लोगों को फोन करके परिचालक की करतूत बताते हुए मदद मांगी। आधी रात को रोडवेज की बस कैसरबाग बस अड्डे पहुंचते ही युवती के परिचितों ने परिचालक को बस से खींचकर हमला बोल दिया।
चीखपुकार पर चालक व आसपास के लोग दौड़े। पुलिसकर्मियों को बुलाया। प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने बताया कि सुल्तानपुर के गांव मित्रपुर निवासी परिचालक योगेश श्रीवास्तव की तहरीर पर पांच-छह अज्ञात हमलावरों के खिलाफ बलवा व मारपीट की प्राथमिकी दर्ज करने के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
घायल योगेश को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद युवती की तहरीर पर परिचालक के खिलाफ शीलभंग का मामला दर्ज किया गया है।