सीट को लेकर हुई थी नोकझोंक
रुहेलखंड एक्सप्रेस में शुक्रवार सुबह सीट को लेकर नोकझोंक के बाद सिपाही समेत तीन दैनिक यात्रियों ने शिक्षिका से छेड़खानी की। विरोध पर उसे पीटा और कपड़े फाड़ डाले।
कोई मददगार नजर न आने पर शिक्षिका ने पुलिस कंट्रोल रूम कॉल की और चेन खींचने की कोशिश करती रही। इटौंजा स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही पुलिस ने घेराबंदी करके सिपाही समेत तीन आरोपियों को पकड़ा और जीआरपी के हवाले कर दिया। शिक्षिका ने जीआरपी के चारबाग थाने में रिपोर्ट लिखाई है।
इंस्पेक्टर जीआरपी डीके उपाध्याय ने बताया कि सीतापुर के सिधौली क्षेत्र के एक स्कूल में शिक्षिका रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह डालीगंज स्टेशन पहुंची। ट्रेन छूट जाने पर आननफानन में मोहिबुल्लापुर स्टेशन से रुहेलखंड एक्सप्रेस की पांचवीं बोगी में सवार हुई।
एक खाली सीट पर शिक्षिका बैठी ही थी कि तीन यात्रियों ने पहले से बैठे होने की बात कहकर शिक्षिका से उठने को कहा। इन्कार पर नोकझोंक शुरू हुई। आरोप है कि तीनों ने गालीगलौज करते हुए शिक्षिका को हाथ पकड़कर सीट से उठाया और छेड़खानी करने लगे।
आपत्तिजनक शब्द कहते हुए उसके कपड़े फाड़ दिए। शिक्षिका ने अन्य यात्रियों से मदद मांगी, लेकिन सब मूक दर्शक बने रहे।
पुलिस टीम ने दिखाई जल्दबाजी तो हुई गिरफ्तारी
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किसी तरह खुद को चंगुल से छुड़ाकर शिक्षिका ने पुलिस कंट्रोल रूम कॉल की और चेन खींचकर ट्रेन रोकने की कोशिश करने लगी।
रुहेलखंड एक्सप्रेस सीतापुर की तरफ से आ रही सेंक्चुरी एक्सप्रेस के क्रॉस के चलते इटौंजा रेलवे स्टेशन पर रुकी, जहां इटौंजा थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर रखी थी।
पुलिस टीम ने शिक्षिका को दिलासा देते हुए तीनों आरोपियों को पकड़ा। उनकी पहचान राजाजीपुरम के सेक्टर-6 निवासी अरविंद कुमार श्रीवास्तव, वजीरगंज के बिराहना निवासी शिवप्रकाश अवस्थी व सरोजनीनगर के बदाली खेड़ा निवासी सूरज प्रकाश के रूप में हुई।
तहकीकात में सूरज ने खुद को सीतापुर स्थित केंद्रीय भंडारण गृह में तैनात सिपाही बताया, जबकि अन्य दोनों सीतापुर में प्राइवेट नौकरी करते थे।
तीनों आरोपी जीआरपी के हवाले
चलती ट्रेन में महिला से छेड़खानी और शोहदों के इटौंजा में पकड़े जाने की सूचना पर सिटी स्टेशन से जीआरपी की टीम को इटौंजा भेजा गया। तीनों आरोपियों को जीआरपी ने चारबाग थाने पहुंचाया। शिक्षिका ने भी जीआरपी थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।