पुष्पजीत की मौत के बाद गिरोह की कमान मुन्ना बजरंगी के बेहद करीबी तारिक ने संभाली। लेकिन दिसंबर 2017 में गोमती नगर विस्तार ओवर ब्रिज पर बाइक सवार बदमाशों ने तारिक की भी गोली मारकर हत्या कर दी।
इस हत्या के बाद मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह व तारिक की पत्नी ताहिरा उर्फ नेहा ने गोमती नगर थाने में नामजद एफआईआर दर्ज करायी थी। इस मामले की जांच एसटीएफ कर रही है।
तारिक की हत्या के बाद से मुन्ना बजरंगी का गिरोह बिखरने लगा था। वह खुद जेल में था। विधायक मुख्तार अंसारी (जिसकी शह पर मुन्ना बजरंगी का दबदबा पूरे पूर्वांचल में कायम था) भी लंबे समय से जेल में था। जेल के बाहर मौजूद उसके गैंग के गुर्गे या तो मारे जा चुके थे, या एनकाउंटर के डर से अंडरग्राउंड हो चुके थे। जेल में बंद मुन्ना बजरंगी काफी कमजोर पड़ चुका था।
वहीं उसके दुष्मन अभी-भी उसकी जान लेने की फिराक में थे। इसी डर के चलते मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा ने 29 जून को प्रेस कॉफ्रेंस कर सीएम योगी से सुरक्षा की मांग की थी। लेकिन प्रेस कॉफ्रेंस के दस दिन बाद जेल में बंद मुन्ना बजरंगी की हत्या इस अंदाज में जेल के अंदर ही हो जाएगी, इसकी कल्पना न शायद सीएम योगी ने की थी और न ही पुलिस प्रशासन ने।