मृतक धर्मेंद्र के पिता मोतीलाल वर्मा ने मामले की तहरीर पुलिस को दी, जिसके बाद निवर्तमान प्रधान के खिलाफ केस दर्ज किया गया। बताया कि घटना के बाद निवर्तमान प्रधान अपने परिजनों के साथ गांव छोड़कर फरार हो गया था। बताया कि घटना की जांच के लिए क्राइम ब्रांच समेत कई थानों की पुलिस टीम को लगाया गया था।
जांच के बाद जहरीली शराब पिलाने के आरोप में निवर्तमान प्रधान राजनाथ वर्मा, गांव का कोटेदार हृदयराम तिवारी, उसका भाई संजय तिवारी दोनों निवासी गांव बेरा, राजू वर्मा, राकेश वर्मा, बच्चाराम, दीपक निवासी त्रिलोकपुर व मो. वैश अंसारी निवासी कटरा गोसाईगंज को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से 79 शीशी अपमिश्रित शराब व एक कार भी बरामद हुई।
एसएसपी के अनुसार निवर्तमान प्रधान राजनाथ वर्मा त्रिलोकपुर से जबकि गांव का कोटेदार हृदयराम तिवारी गांव बेरा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। इन दोनों ने मिलकर त्रिलोकपुर में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए होली के नाम पर शराब व मछली की दावत दी जबकि गांव बेरा में भी लोगों के घर में शराब पहुंचाई गई।
प्रधान के घर हुई पार्टी में करीब 100 लोग शामिल हुए थे। इसके लिए दोनों ने मिलकर 15 पेटी अपमिश्रित शराब 28 मार्च को ही मंगवा ली थी। जबकि पार्टी के दौरान शराब बांटने वाले वालों में संजय तिवारी, राजू वर्मा, राकेश वर्मा, बच्चाराम, दीपक शामिल थे।
यही नहीं, शराब पीने के बाद जब लोगों की तबियत खराब होने लगी तो इन सभी आरोपियों ने मिलकर शेष बची शराब की शीशियों को पूरी तरह जलाकर साक्ष्य मिटाने का भी प्रयास किया।