एएसपी एके मिश्र ने बताया कि छानबीन में पता चला कि 30 मार्च की रात योजनाबद्घ तरीके से इंद्रजीत ने अपनी बेटी को गेहूं के खेत में ले जाकर गला दबाकर मार डाला और शव वहीं छोड़कर गांव वापस आ गया।
घर पर वह पुत्री को ढूंढने का नाटक करने लगा और मंदिर से गांव में घोषणा भी करवाई। करीब सवा नौ बजे उसने खुद ही बेटी का शव खेत से बरामद किया। पूछताछ के दौरान इंद्रजीत मौर्या टूट गया और उसने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि रामसूरत तथा संचित को फंसाने के लिए उसने खुद ही बेटी की हत्या की है। पुलिस ने इंद्रजीत को जेल भेज दिया है।