रिवर बैंक कॉलोनी में सोमवार सुबह पेट्रोल पंप मालिक महेंद्र बिहारी त्रिवेदी की हत्या कर 13 लाख रुपये लूटने की सनसनीखेज वारदात के चौबीस घंटे बाद भी राजधानी पुलिस बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है।
वजीरगंज पुलिस ने शक के आधार पर जिन चार लोगों को पकड़ा था उनसे कुछ भी खास जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने आठ दिन पहले ही नौकरी छोड़कर गए ड्राइवर अनिल को जरूर सोमवार देर रात हिरासत में ले लिया।
पत्नी की हत्या के आरोप में अनिल 11 साल जेल काट चुका है। हत्या और लूट की दुस्साहसिक वारदात में पुलिस को पेट्रोल पंप मालिक के करीबी का हाथ होने की आशंका है।
सोमवार देर रात ही वजीरगंज पुलिस ने पूर्व ड्राइवर अनिल को दबोच लिया। सैलरी को लेकर पंप मालिक से अनबन होने के चलते उसने दो मार्च को नौकरी छोड़ दी थी।
एक सप्ताह से वह इंदिरानगर के नीलगिरी कॉम्प्लेक्स के पास रहने वाले केके सिंह की कार चला रहा था। अनिल से पूछताछ में पता चला कि वर्ष 2001 में उसकी पत्नी ने आत्मदाह कर लिया था।
ससुरालवालों ने जलाकर मारने का आरोप लगाते हुए एफआईआर लिखाई, जिसके बाद अनिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। 11 साल बाद जेल से छूटने पर पेट्रोल पंप मालिक त्रिवेदी की कार चलानी शुरू कर दी।
इसी दौरान कामिनी नाम की महिला से शादी कर ली। अनिल ने बताया कि सैलरी कम होने पर दो बार नौकरी छोड़ी लेकिन फिर लौट आया। अनिल किन लोगों के संपर्क में था? उसकी किस-किस नंबर पर बात हुई?
नौकरी छोड़ने के दो-तीन दिन पहले और वारदात वाली रात तक लोकेशन और कॉल का ब्यौरा निकाला जा रहा है। रिवर बैंक कॉलोनी व आसपास के मोबाइल टॉवरों पर सक्रिय मोबाइल नंबरों के बारे में भी जानकारी मंगाई गई है।
सीओ चौक सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि वजीरगंज थाना के साथ ही सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की पांच टीमें वारदात के खुलासे के लिए लगी हैं। पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
वारदात के तरीके से स्पष्ट है कि त्रिवेदी के रुपये लेकर बैंक जाने की सटीक मुखबिरी हुई है। इसमें त्रिवेदी के स्टाफ का हाथ होने की भी आशंका है या फिर कोई उनकी पल-पल की हरकतों पर नजर रख रहा था।
मंगलवार दोपहर एसएसपी प्रवीण कुमार ने वजीरगंज कोतवाली पहुंचकर हत्या और लूट के मामले में प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अनिल व पकड़े गए अन्य लोगों से पूछताछ भी की है।