चारबाग में जीआरपी थाने के पास ट्रेन से कटे युवक का शव रेलवे ट्रैक पर एक घंटे कागजी खानापूर्ति के इंतजार में पड़ा रहा और उसे कुत्ते नोंचते रहे।
नतीजतन कुत्ते इस शव से अलग पड़ा सिर घसीटकर काफी दूर लेकर चले गए।
हद तो तब हो गई जब जानकारी मिलने के बाद पहुंचे जीआरपी के जवानों ने शव को उठवाने के लिए कुछ मासूमों को मजबूर किया।
सिर कटी लाश देखकर बच्चों ने इन्कार किया तो जीआरपी के सिपाहियों ने उन्हें जेल में डालने की धमकी दी। सहमे हुए बच्चे किसी तरह सिर ढूंढ कर लाए।
उसे शव के पास रखकर उस पर कपड़ा डाला। मानवता को शर्मसार करने वाली जीआरपी की इस करतूत के खिलाफ आम यात्रियों का भी गुस्सा फूट पड़ा।
बिहार के वैशाली जिले का रहने वाला है मृतक
यात्रियों ने स्टेशन मास्टर कार्यालय का घेराव कर दिया। इसके बाद शव को पाेस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। मामले की जांच सीओ जीआरपी आरडी यादव को सौंपी गई है।
बच्चों को मृतक की जेब से 24 अक्तूबर को दक्षिण भारत के तिरूपुर से हाजीपुर तक का जनरल क्लास का टिकट और मतदाता पहचान पत्र मिला है।
इसके आधार पर पता चला कि मृतक बिहार के वैशाली जिले का रामानंद सिंह (32) था। जीआरपी का कहना है कि शव की स्थिति से लग रहा है कि रामानंद ने खुदकुशी की होगी।
घटना सुबह करीब 7:45 बजे की है। चारबाग रेलवे स्टेशन पर नई दिल्ली से आई लखनऊ मेल खड़ी थी।
इस ट्रेन को खाली होने के बाद नियमित परीक्षण के लिए वॉशिंग लाइन भेजा जा रहा था। ट्रेन जैसे ही प्लेटफार्म से हटी, प्रथम श्रेणी पैदल पुल के नीचे पटरी पर एक युवक का सिर कटा हुआ शव दिखा।
वक्त पर नहीं पहुंची जीआरपी
कुछ यात्री भागते हुए जीआरपी थाने गए और युवक के कटने की सूचना दी, लेकिन जीआरपी सिपाहियों ने यात्रियों को यह कहकर भगा दिया कि स्टेशन मास्टर के पास से मेमो आने पर कार्रवाई होगी।
यात्री स्टेशन मास्टर के पास गए। स्टेशन मास्टर ने आरपीएफ और जीआरपी को सूचना 8:05 बजे तक दे दी। इसके बावजूद जीआरपी के जवान घटनास्थल पर नहीं पहुंचे।
इस बीच स्टेशन पर घूम रहे आवारा कुत्ते मृतक नाली में पड़े सिर को उठाकर जीआरपी थाने की ओर आ गए।
कुछ छात्रों ने ईंट चलाकर कुत्तों को वहां से भगाया। स्टेशन पर सरेआम इस तरह का दृश्य देखकर और जीआरपी के अमानवीय व्यवहार से यात्री भड़क गए।
उन्होंने स्टेशन मास्टर कक्ष का घेराव कर दिया और वरिष्ठ रेलवे और जीआरपी अधिकारियों से बात करने की मांग करने लगे।