पूर्व विधायक के आवास के बाहर बहू धरने पर बैठी थी। मौके पर सुल्तानगंज चौकी प्रभारी प्रेमशंकर पांडेय अपनी टीम के साथ पहुंचे। शुरूआत में बहू ससुर, सास और पति के खिलाफ आरोप लगा रही थी। उसने पुलिस से कार्रवाई की मांग भी की। पुलिस ने बहू से तहरीर मांगी तो वह टालमटोल करने लगी।
कभी घर के अंदर पहुंचाने की बात कहती तो कभी बच्चों को सुपुर्द कराने की। लेकिन कागजी कार्रवाई के नाम पर वह पीछे हट जाती थी। यह ड्रामा करीब दो घंटे तक चलता रहा।
पुलिस भी गेट खुलवाकर विधायक से बातचीत कर समझौता कराने की कोशिश कर रही थी लेकिन दरवाजा नहीं खुला। पूर्व विधायक मोबाइल पर ही पुलिस से संपर्क करते रहे।
पूर्व विधायक ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे की शादी बस्ती निवासी पुराने दोस्त की बेटी से हुई थी। बेटे और बहू में अक्सर विवाद होता था। लेकिन शुक्रवार को विवाद काफी बढ़ गया। जिसके बाद उसने घर से बाहर निकाल दिया।
मायके वालों को जानकारी हुई तो उन्होंने लखनऊ में रहने वाले रिश्तेदारों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे रिश्तेदार पूर्व विधायक की बहू को अपने साथ ले गए। इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद कुमार शाही ने बताया कि मामला परिवारिक था।
पूर्व विधायक और उनके रिश्तेदारों ने तहरीर नहीं दी। आपस में बैठकर मामले को सुलझाने की बात कही। जिसके कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई।