सचिवालय के तीन अधिकारियों को साइबर ठगों ने चूना लगा डाला। कार्ड की वैद्यता अवधि समाप्त होने का बहाना बनाकर उनके एटीएम कार्ड की गोपनीय जानकारियां हासिल कीं। इसके बाद ऑनलाइन शॉपिंग की।
एसएमएस आने पर अधिकारियों को पता चला। उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की थी। जांच के बाद बीते दिनों हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई। हजरतगंज कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि सिंचाई एवं जल संस्थान अनुभाग दो में तैनात रामनारायन को किसी शातिर ने 9939162029 नंबर से कॉल कर खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एटीएम शाखा का मैनेजर बताकर कार्ड ब्लॉक होने की जानकारी दी।
रामनारायन ने बताया कि ठग ने कार्ड फिर से चालू कराने के लिए कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर और एक्सपायरी डेट सहित अन्य जानकारियां मांगी। उसने कहा कि कार्ड के नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मोबाइल फोन पर एक मैसेज आएगा, जिसमें कुछ नंबर लिखे होंगे। यह नंबर डालते ही कार्ड फिर से शुरू हो जाएगा।
झारखंड का जामतारा गांव ऑनलाइन ठगी के लिए प्रसिद्ध
ठगो ने की ऑनलाइन शॉपिंग
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रामनारायन ने मोबाइल फोन पर आए एसएमएस में लिखे नंबर ठग को बता दिए। शातिर ने जल्द कार्ड शुरू होने की बात कहकर फोन काट दिया। कुछ ही देर में उनके अकाउंट से 12,000 रुपये की शॉपिंग होने का मैसेज आया। इसी प्रकार सचिवालय में तैनात अनंतराम के एसबीआई अकाउंट से 1325 और 9999 रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली गई।
इंस्पेक्टर ने बताया कि अनंतराम को राहुल नाम के व्यक्ति ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम शाखा का मैनेजर बताते हुए कॉल करके ऐसे ही झांसा दिया और 9,999 रुपये गायब कर दिए। आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग दो में सहायक समीक्षाधिकारी नंदलाल के अकाउंट से भी रुपये उड़ा लिए गए।
इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि ठगी करने वाले झारखंड के जामतारा गांव के हैं। यह गांव ऑनलाइन ठगी के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। जिन मोबाइल नंबरों से फोन आया था उनकी छानबीन में पता चला कि सिमकार्ड झारखंड की लालगढ़ निवासी नूर मोहम्मद की पत्नी जाहिरा खातून, जामतारा के संजय मंडल, धनबाद के यूनुस अंसारी और महाराष्ट्र के मिलिंदनगर निवासी अरविंदवाल भीम सर्वदे के नाम से लिए गए थे।