कैसरबाग कोतवाली में पशु कल्याण संस्था के स्वयंसेवी कमल शर्मा ने घसियारी मंडी में रहने वाले जीशान खान पर विदेशी बिल्लियों पर क्रूरता दिखाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने बताया कि जीशान खान बिल्लियां बेचता है।
उसने जानवरों को अमानवीय हालातों में रखा था, जिसकी जानकारी पाकर एक एनजीओ की स्वयंसेवक सना और नैना खरीदार बनकर गईं और पूरे मामले का खुलासा किया। जीशान पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
कमल शर्मा ने बताया कि जीशान खान के पास पशु की खरीद-फरोख्त का लाइसेंस है न ही उसने भारत सरकार के संबंधित मंत्रालय से इसकी अनुमति ली है। इसके बावजूद वह पर्शियन बिल्लियां रखकर बेचने का प्रयास कर रहा था। वह बिल्लियों को अपने घर की छत पर भीषण धूप में अमानवीय तरीके से रखता था।
लंबे बाल वाली विदेशी बिल्लियों को हर वक्त एयरकंडीशन की आवश्यकता होती है। गर्म मौसम में उनकी हालत बिगड़ जाती है। किसी ने बिल्लियों पर हो रहे क्रूरतापूर्ण व्यवहार की सूचना दी तो छानबीन शुरू की गई। एनजीओ की स्वयंसेवक सना व नैना खरीदार बनकर जीशान के पास पहुंची तो शिकायत सही पाई।
उन्होंने अपनी रिपोर्ट बनाई है, जिसमें कहा गया है कि बिल्लियों की हो हालत बताई गई थी, वह उससे कहीं अधिक खराब स्थिति में हैं। उनके बाल जगह-जगह से गायब हो रहे हैं। उन्हें खाना दिया जा रहा है न ही पानी। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर जल्द बिल्लियों को वहां से नहीं हटाया गया तो दिल के दौरे से उनके मरने की आशंका है।
एनजीओ के पदाधिकारियों ने जीशान को समझाने का प्रयास किया पर बात नहीं बनी। जीशान ने कहा कि वह बिल्लियां पालने के लिए लाया था, लेकिन उन्हें घर के भीतर नहीं रख सकता। यही वजह थी कि वह बिल्लियों को बाहर रखता था।
उसने कहा कि बिल्लियों को किसी को नि:शुल्क भी नहीं दे सकता था। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से एनजीओ कार्यकर्ताओं ने जीशान से बिल्लियों को लेकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।