लखनऊ कोर्ट ने मंगलवार को कानपुर से पकड़े गए संदिग्ध आतंकी आतिफ और आसिफ को 30 दिन की जुडिशियल कस्टडी में रखने का आदेश दिया है।
बता दें कि इन दोनों को मार्च माह में लखनऊ में हुए मुठभेड़ में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह की मदद करने का आरोप है।
एनआईए के मुताबिक आसिफ सक्रिय सदस्य होने के साथ ही आईएसआईएस के लिए लोगों को तैयार करने का भी काम कर रहा था। जबकि आतिफ ने असलहे और बारूद का इंतजाम किया था।
मारे गए सैफुल्लाह ने आतिफ और आसिफ के साथ 10 अक्तूबर 2016 को दशहरे के दिन लखनऊ में प्रधानमंत्री की रैली में ब्लास्ट करने की साजिश रची थी।
इसके लिए तीनों लखनऊ गए थे और वहां पर एक मैदान में विस्फोट का रिहर्सल भी किया था। रिहर्सल सफल रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री की रैली में सुरक्षा पुख्ता होने के कारण वे लोग विस्फोट नहीं कर सके थे।