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आईपीएस बनकर लोगों को ठगा किया, किया महिलाओं का शोषण

Sat, 26 Mar 2016 03:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पुल‌िस के हत्थे चढ़ा फर्जी आईपीएस - फोटो : Amar Ujala
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लखनऊ के कृष्णानगर पुलिस ने खुद को आईपीएस अफसर बताकर रौब गांठने वाले सरोजनीनगर के प्रॉपर्टी डीलर अरविंद राठौर को शुक्रवार दोपहर दबोच लिया। एसओ विजय सिंह यादव के मुताबिक अरविंद मामूली झगड़े के मामले में अंबेडकरनगर निवासी एक महिला को मदद का झांसा देकर थाने लाया था। 
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पूछताछ में सच्चाई सामने आने के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। जिस महिला की मदद के नाम पर अरविंद थाने आया था, उसने ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।

महिला ने बताया कि वह थाना जा रही थी तभी इंडिगो कार से आए अरविंद ने उसे रोक लिया। बहाने से उसने पूछा कि कहां जा रही हैं। महिला ने कृष्णानगर थाना जाने की बात कही तो उसने लिफ्ट देने के लिए कहा। 

मना करने पर शातिर ने खुद को आईपीएस अफसर बताया। महिला उस पर भरोसा करके कार में बैठ गई। रास्ते में अरविंद ने महिला से छेड़छाड़ की कोशिश भी की।

एसओ साहब, सुन लीजिए मैं आईपीएस हूं

क्राइम - फोटो : demo
शातिर अरविंद थाना पहुंचा और महिला को लेकर एसओ के कमरे में आ गया। उसने महिला की समस्या बताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। 

एसओ ने पूरा मामला समझने की बात कही तो शातिर ने घुड़की दी। बोला, एसओ साहब सुन लीजिए मैं आईपीएस अफसर हूं। तत्काल कार्रवाई करिए। एसओ ने उसे सम्मान से बैठाया और महिला सिपाहियों को मौके पर जाकर जांच के लिए कहा।

एसओ ने महिला को सिपाहियों के साथ घटनास्थल भेजा। शातिर अरविंद अड़ा था कि महिला उसके साथ कार में बैठकर जाए। महिला ने इन्कार कर दिया और पुलिस जीप में बैठकर चली गई। गुस्साये अरविंद ने पुलिसकर्मियों को खरी-खोटी सुनाई और जीप का पीछा करके कुछ दूर पर रोक लिया।

अरविंद ने जीप से महिला को उतारकर साथ ले जाने की जिद की तो महिला सिपाही ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर अरविंद ने महिला सिपाही को सस्पेंड कराने की धमकी दी। 

महिला सिपाही ने एसओ को पूरा मामला बताया जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अरविंद के बारे में पड़ताल शुरू की। परिचयपत्र मांगा गया तो वह टालने लगा।
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महिला को दिया नौकरी दिलाने का झांसा

धोखा - फोटो : demo pic
एसओ ने बताया कि अरविंद ने महिला को आशा ज्योति केंद्र में नौकरी दिलाने का झांसा भी दिया। उसने अपनी जान-पहचान बताते हुए महिला को आशा ज्योति केंद्र ले जाने की बात कही।

हालांकि, महिला ने वहां जाने से मना कर दिया। एसओ ने कहा कि उसकी नियत खराब थी। वह महिला को आशा ज्योति केंद्र ले जाने के बजाए कहीं और ले जाना चाहता था।

पुलिस अरविंद को थाना लेकर आई लेकिन उसकी अकड़ खत्म नहीं हुई। उसने राज्यमंत्री का भाई बताते हुए एसओ को फिर दबाव में लेने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस की सख्ती के आगे वह टूट गया और फजीवाड़े की पूरी कहानी उगल दी। 

अरविंद ने बताया कि वह अक्सर आईपीएस और राज्यमंत्री का भाई बताकर लोगों से ठगी करता था। मदद के बहाने कई महिलाओं का शोषण भी किया।
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