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पत्नी से कहा जीने की इच्छा नहीं और मार ली गोली

Wed, 30 Apr 2014 03:38 AM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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एक बेहद अजीब घटनाक्रम में एक गुटखा कारोबारी के बेटे ने पत्नी से कहा अब जीने की इच्छा नहीं और फिर मार ली गोली।
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पुकार गुटखा कंपनी के मालिक उदय चंद चौरसिया के बेटे पंकज (38) ने मंगलवार सुबह नाका के खुर्शेदबाग स्थित घर पर लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर जान दे दी। मौके से पिस्टल के साथ ही सुसाइड नोट मिला है।

पंकज तालकटोरा स्थित फैक्ट्री देखता था। पिछले पांच वर्षों से साइकियाट्रिस्ट से उसका उपचार चल रहा था। आत्महत्या के पीछे बीमारी, पारिवारिक तनाव अथवा कलह को वजह मानते हुए छानबीन की जा रही है।
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परिवार के अनुसार सुबह करीब सात बजे बेटे आयूष (11) और अंश (5) को स्कूल छोड़कर लौटने के बाद से ही पंकज तनाव में था। साढे़ आठ बजे के करीब टहलने के लिए निकल गया।

करीब पौन घंटे बाद लौटने के बाद घर पर इधर-उधर टहलते रहे। इसके बाद पत्नी निशा के साथ नाश्ता किया।

लगभग 11 बजे पत्नी नहाने के लिए बाथरूम गई। इसी दौरान अचानक गोली चलने की आवाज आई।

निशा दौड़कर आईं तो बेडरूम से सटे ड्रेसिंग रूम में पंकज को लहूलुहान पड़ा पाया।

दायीं कनपटी से घुसी गोली आरपार हो गई थी,पास ही लाइसेंसी पिस्टल पड़ी थी। इस बीच नौकर व परिवार के अन्य लोग भी पहुंच गए।

पास के ही मकान में रहने वाला बड़ा भाई पुष्कर व परिवार के बाकी लोग भी पहुंचे।

आननफानन पंकज को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। शाम करीब छह बजे उसकी मौत हो गई।

एएसपी पश्चिम अजय मिश्रा ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और परिवारीजनों से बातचीत की।

उधर, नाका इंस्पेक्टर विजय प्रकाश सिंह ने मौका-मुआयना किया। कमरे से मिले सुसाइड नोट में पंकज ने स्वेच्छा से जान देने की बात लिखी है।

परिवारीजनों ने बताया कि पंकज की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।

करीब पांच साल से साइकियाट्रिस्ट उसका उपचार कर रहे थे। पारिवारिक कलह और तनाव के चलते आत्महत्या की आशंका जताते हुए जांच की जा रही है।

यह भी देखा जा रहा है कि लेन-देन अथवा अन्य प्रकार का विवाद तो नहीं था।

कोई शक्ति मुझे खींच रही है...
पंकज को ऐसा लगता था कि कोई शक्ति उसे अपनी तरफ खींच रही है। अक्सर पत्नी से कहता था कि कोई अपने पास बुला रहा है। मौत से चंद मिनट पहले भी निशा से कहा था कि जीने की इच्छा नहीं है।
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लगातार ऐसी बातें करने के बाद भी परिवार के किसी सदस्य ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। पत्नी भी उसकी मनोदशा नहीं भांप सकी। यही वजह है कि ट्रॉमा सेंटर पहुंची निशा बोली,मुझे क्या पता था कि ऐसा हो जाएगा।

तीन महीने में दूसरे गुटखा कारोबारी ने दी जान
तीन महीने में गुटखा कारोबारी के आत्महत्या के दूसरे मामले ने पान मसाला इंडस्ट्री में उथल-पुथल मचा दी है।

11 फरवरी को श्याम बहार गुटखा कंपनी के मालिक संजीव मिश्रा ने वजीरगंज स्थित आवास में लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

संजीव के परिवारीजनों ने हत्या का शक जताते हुए प्रार्थनापत्र दिया था, जिसकी जांच की जा रही है। संजीव ने भी तनाव के चलते आत्महत्या की थी।

पंकज के आत्महत्या करने के पीछे भी फिलहाल यही वजह सामने आ रही है।
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