माल थाना क्षेत्र में पुश्तैनी जमीन के बंटवारे के झगड़े में एक युवक ने साथी के साथ मिलकर बड़े भाई की हत्या कर दी। झगड़ रहे भाइयों में बीच-बचाव करने आए भतीजे को भी इन लोगों ने लहूलुहान कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, गांव जगदीशपुर निवासी शिवप्रसाद यादव (52) का पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर छोटे भाई सियाराम व गोधन से काफी समय से विवाद चल रहा था।
इसके चलते सियाराम व गोधन ने हरदोई के अतरौली थाने के गांव नरियाखेड़ा निवासी लल्लू की मदद से शुक्रवार शिवप्रसाद से मारपीट शुरू कर दी।
कहासुनी बढ़ने पर तीनों ने रात सवा बजे लाठी-डंडे व धारदार हथियार से उसके ऊपर हमला कर दिया और ताबड़तोड़ वार कर शिवप्रसाद की हत्या कर दी।
पिता की चीख-पुकार सुनकर देशराज बीच-बचाव करने के लिए दौड़ा तो हमलावरों ने उसे भी लहूलुहान कर डाला। शिवप्रसाद के घर से शोरगुल सुनकर थोड़ी दूर स्थित देवी मंदिर पर बैठा उसका फुफेरा भाई लालाराम गांव के अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा।
आंगन में खून से लथपथ पड़े देशराज ने बताया कि चाचा सियाराम व गोधन ने लल्लू की मदद से हमला किया। पिता शिवप्रसाद की हत्या कर दी और उसे भी मरा समझकर अपने घर चले गए हैं।
इस पर लालाराम ने पुलिस को सूचना देने के साथ ग्रामीणों की मदद से सियाराम के घर धावा बोला। घर में मौजूद सियाराम व लल्लू को पकड़कर धुनाई की और दोनों को पुलिस को सौंप दिया जबकि, गोधन फरार हो गया।
पुलिस ने घायल देशराज को ट्रॉमा सेंटर भेजा और गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल हथियार व लाठी बरामद कर लिया। फरार गोधन की तलाश में दबिश दी जा रही है।
बड़े बेटे को मिली थी ज्यादा जमीन
लालाराम ने पुलिस को बताया कि उसके मामा कढ़िले ने अपने जीवनकाल में पैतृक जमीन का बंटवारा किया। बड़े बेटे शिवप्रसाद को कुछ ज्यादा जमीन दी थी। इससे सियाराम व गोधन नाराज थे। इसी को लेकर आए दिन झगड़ा करते रहते थे। कुछ साल पहले पत्नी की मौत के बाद शिवप्रसाद ने बेटे देशराज की शादी की।
पिता-पुत्र पर दबाव बनाए सियाराम व गोधन को लगा कि देशराज की ससुराल से शिवप्रसाद को मदद मिलेगी। देशराज की पत्नी के मायके जाने के बाद उन्होंने जमीन पर कब्जे के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया था।