बीकेटी के गांव में महिला की दिलेरी से घर में घुसे तीन बदमाश उल्टे पैर भागने को मजबूर हो गए।
करीब बीस मिनट तक वह अकेली बदमाशों से जूझती रही। बदमाशों ने उसकी परिवार वालों को जान से मारने की धमकी भी दी लेकिन महिला ने हिम्मत नहीं हारी।
विवाहिता की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने फायरिंग की, तो बदमाश भाग गए। घायल विवाहिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बीकेटी के गांव दिगोई में रामवीर गौतम पत्नी ऊषा, बेटी प्रिया और प्रियांशी के साथ रहते हैं। बुधवार रात सभी सो रहे थे तभी करीब डेढ़ बजे ऊषा उठी।
उसने देखा कि रसोई घर का दरवाजा खुला हुआ है। वह दरवाजा बंद करने गई तो रसोई घर में पहले से मौजूद तीन बदमाशों ने उसे दबोच लिया।
बदमाशों ने शोर मचाने पर पति और बेटियों को जान से मारने की धमकी दी। इसके बावजूद ऊषा ने हिम्मत नहीं हारी और बदमाशों से भिड़ गई।
इस पर बदमाश उसे पीटने लगे और चुप होने की धमकी देने लगे। करीब 20 मिनट तक वह अकेली बदमाशों से भिड़ी रही।
इस बीच रामवीर और उसकी बेटियों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को सूचना दी। गांव के लोगों ने लाइसेंसी असलहे से फायर किया तो पकड़े जाने के डर से बदमाश भाग गए।
सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक विनोद यादव फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने ऊषा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
प्रभारी निरीक्षक विनोद यादव ने बताया कि विवाहिता की बहादुरी और ग्रामीणों की सक्रियता के चलते बदमाश भाग गए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।