यूपी के कानपुर में महाराजपुर के कुलगांव में रविवार को युवक ने प्रेमिका की शादी दूसरी जगह तय होने पर दिनदहाड़े उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और खुद को भी गोली मारकर जान दे दी। एसपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी, सीओ सदर के साथ फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की। घटनास्थल पर 315 बोर का तमंचा और तीन कारतूस मिले। पुलिस के अनुसार लड़की, युवक की मुंहबोली भांजी थी।
महाराजपुर के कुलगांव निवासी दिहाड़ी मजदूर का बड़ा बेटा सत्यकेश पासवान (26) टेंपो चलाता था। उसके अकबरपुर (कानपुर देहात) के मुरीदपुर गांव निवासी झोलाछाप रामसंजीवन की बेटी वंदना (22) से प्रेम संबंध थे। वंदना की छोटी बहन अनीता ने बताया कि सुबह वह दीदी के साथ अकबरपुर बाजार कपड़े खरीदने आई थी।
दोपहर 12 बजे बाजार में सत्यकेश मिला और बाइक से दोनों को अपने घर लाया। सत्यकेश ने घर में उन लोगों को कोल्ड ड्रिंक पिलाकर कहीं चला गया। 15 मिनट बाद लौटा और वंदना को खेत दिखाने के बहाने उसे ले गया। काफी देर तक दोनों नहीं लौटे तो सत्यकेश की चचेरी बहन को पता लगाने के लिए खेत भेजा।
इस पर सत्यकेश ने उसे वहां से लौटा दिया। दोपहर करीब ढाई बजे खेत से गोली चलने की आवाज आई। सत्यकेश की मां मैना दौड़कर वहां पहुंची तो देखा कि सत्यकेश और वंदना के शव पड़े थे। दोनों की कनपटी में गोली लगी थी। पास में ही तमंचा और तीन कारतूस मिले।
एसओ अखिलेश गौड़ ने बताया कि कारतूसों में एक मिस है। जांच में पता चला कि वंदना की शादी कानपुर नगर में तय हो गई थी। इससे नाराज होकर उसने वंदना की हत्या कर दी।
ऑनर किलिंग का भी हो सकता है मामला
वंदना की हत्या कर सत्यकेश के खुदकुशी करने की बात मान चुकी पुलिस किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाह रही है। वह ऑनर किलिंग के बिंदु पर भी पड़ताल कर रही है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि वंदना का ननिहाल घटनास्थल से चार-पांच किलोमीटर दूर है।
इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि वंदना के सत्यकेश के साथ आने की बात ननिहाल वालों को पता चल गई हो और उन लोगों ने दोनों की हत्या कर दी हो। सोमवार को दोनों शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति बहुत कुछ साफ हो जाएगी।
उधर, सत्यकेश की मां मैना देवी ने गोली की आवाज सुनी थी। वह व्यक्तिगत काम से जाने की बात कहकर घर से निकलीं और खेत पर गईं पर डर की वजह से वापस घर नहीं लौटीं।देर शाम तक सत्यकेश के पिता जगमोहन भी पुत्र के शव के पास नहीं पहुंचे। बताया गया कि वे दिहाड़ी मजदूर हैं और काम पर निकले हैं। उन्हें सूचना ही नहीं मिली होगी।
वंदना के घरवालों ने सत्यकेश को पहचानने से इनकार कर दिया। वंदना की छोटी बहन अनीता, मामी गीता और सियादुलारी का कहना है कि वह सत्यकेश को नहीं जानती हैं। उसे कभी देखा भी नहीं। गीता और सियादुलारी का कहना है कि उनके और सत्यकेश के गांव के बीच करीब पांच किलोमीटर का फासला है।
लड़की से कहा था, मैं तुम्हारा मामा हूं
अनीता ने पुलिस को बताया कि उसने सत्यकेश के साथ चलने का विरोध किया था लेकिन वंदना चुप रही। पूछने पर सत्यकेश ने कहा था कि मै तुम्हारा मामा हूं। तुम मुझे नहीं जानती हो। शार्टकट से मैं तुम लोगों को घर पहुंचा दूंगा।
मुरीदपुर के बजाय दूसरे रास्ते ले जाने का विरोध करने पर सत्यकेश ने एक दुकान पर बाइक रोकी और उसे चॉकलेट दिलाई। फिर अपने घर लेकर आ गया। अनीता का कहना है कि आज (रविवार) से पहले न तो कभी सत्यकेश से मिली थी और न कभी बात की।
सत्यकेश एक हफ्ते पहले वंदना को बहाने से अपने घर ले आया था। घरवालों के स्वीकार न करने पर वह वंदना को उसके गांव में छोड़ आया था। इसके बाद वंदना ने उससे शादी से मना कर दिया। रविवार को वह बहाने से वंदना को फिर अपने घर लेकर आया। परिवार के ही रामनारायण के खेत में ले गया और वहां शादी का दबाव डाला।
माना जा रहा है कि इनकार करने पर वह बौखला गया और वंदना की हत्या कर दी। खुद की भी जीवनलीला खत्म कर ली। एसओ अखिलेश गौड़ के मुताबिक सत्यकेश के परिवार और गांव वालों से पूछताछ में इस बात की पुष्टि हुई है कि सत्यकेश एक हफ्ते पहले वंदना को अपने घर लेकर आया था। वंदना पांच बहनों में दूसरे नंबर की थी।
महाराजपुर पुलिस ने अनीता से पूछताछ के बाद उसके घरवालों को घटना की सूचना दी। पिता रामसजीवन ने क्षेत्र के आइमा गांव में रहने वाले ससुराल वालों को पूरा वाकया बताया। तब ससुराल वाले महाराजपुर थाने पहुंचे। रात में वंदना की मां माया और पिता रामसजीवन परिवार के लोगों के साथ थाने पहुंचे और घटना की जानकारी ली।