चारबाग स्टेशन पर बुधवार को एक लुटेरा महिला यात्री की मदद के बहाने उसका सूटकेस ले उड़ा।
सूटकेस में एक लाख रुपये के जेवरात थे। जबकि एक यात्री ने चारबाग स्टेशन के अमानती सामान घर में रखे अपने एक सूटकेस से लाखों रुपये के जेवर चुराने का मामला दर्ज कराया है।
पटना के करीब स्थित देहरीओनसोन रेलवे स्टेशन पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर एके शुक्ल की पत्नी गायत्री शुक्ला बुधवार को बरौनी-ग्वालियर मेल से कानपुर जा रही थीं।
सुबह करीब 11:30 बजे ट्रेन चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पांच पर आई।
उनके पास चार बैग के अलावा एक सूटकेस था।
स्लीपर में ज्यादा भीड़ होने के कारण वे चढ़ नहीं सकीं। इस पर उन्होंने अपना सूटकेस दरवाजे के पास रख दिया।
इसी दौरान एक युवक ने मदद के बहाने सूटकेस आगे रखने की बात की।
सूटकेस के आगे निकलते ही गायत्री बोगी में चढ़ गईं लेकिन युवक सूटकेस सहित लापता हो गया।
परेशान गायत्री वहीं पर गश खाकर गिर पड़ीं। यात्रियों ने उन्हें किसी तरह से संभाला। दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक वे जीआरपी में बैठी रहीं तब जाकर उनका मामला दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि सूटकेस में एक लाख रुपये के जेवर थे।
उधर एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के परिचित पीपी श्रीवास्तव ने 21 अप्रैल को चारबाग स्टेशन पर स्थित अमानती सामान घर में एक सूटकेस सहित पांच नग जमा किए थे।
उसी रात को वे फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस से गाजियाबाद रवाना हो गए।
पीपी श्रीवास्तव का आरोप है कि गाजियाबाद में घर पहुंचने के बाद उनको पता चला कि उनके सूटकेस से किसी ने उनकी पत्नी के लाखों रुपये के सोने के जेवर चुरा लिए।
उन्होंने लखनऊ आकर जीआरपी को इसकी सूचना दी। उधर रेलवे न्यायालय के कई वकीलों ने स्टेशन प्रबंधक एके दोहरे कार्यालय का घेराव किया।