‘बिग बॉस क्लब में रात को महिला कर्मचारी क्या करती हैं। क्या
क्लब की आड़ में जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा है।
यूपी में किसी भी बार में
महिला स्टाफ रखना नियम के विपरीत है तो बिग बॉस क्लब पर पुलिस और संबंधित
विभाग के अफसरों की नजर क्यों नहीं पड़ रही?।
महिला अधिवक्ता दिव्य निधि
सिंह ने ऐसे तमाम सवाल उठाते हुए डीएम और एसएसपी से बिग बॉस क्लब में चल
रहे गोरखधंधे की जांच कराने की मांग की है।
अधिवक्ता
ने कहा कि विभूतिखंड पुलिस के संरक्षण में चल रहे क्लब में देर रात तक
महिला कर्मचारी रहती हैं। इनका काम ग्राहकों को शराब परोसने का है। जबकि
यूपी के किसी भी बार में महिला स्टाफ रखना अवैध है।
अधिवक्ता ने कहा कि चार
फरवरी की रात बीयर लेने आए युवकों ने बार में उत्पात किया और महिला
कर्मचारियों के साथ अभद्रता की। नशे में धुत युवकों ने महिला कर्मचारियों
को खींचकर ले जाने की कोशिश की।
अधिवक्ता का कहना है कि नशे में धुत युवकों
के पास अगर असलहा होता तो दिल्ली के चर्चित जेसिका लाल जैसा प्रकरण यहां
भी हो सकता था।
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अधिवक्ता ने ऐसे क्लब को बंद कराने और जानकारी के बावजूद
क्लब में अवैध गतिविधियां संचालित कराने वाले विभूतिखंड थाना के
पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एसएसपी प्रवीण कुमार ने
विभूतिखंड एसओ को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उधर,
क्लब संचालक आरके जायसवाल ने कहा कि मंगलवार रात हंगामे के बाद ही महिला
कर्मचारियों ने काम करने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने कहा कि इस वक्त
क्लब में कोई महिला कर्मचारी नहीं है।