लखनऊ के गाजीपुर थाने के मुलायमनगर में न्यू नीलम ज्वैलर्स पर रविवार दोपहर सात बदमाशों ने धावा बोला। सराफा व्यवसायी व उसके नौकर की कनपटी से पिस्टल सटाने के साथ दोनों के मोबाइल छीने। व्यवसायी की जेब से एक हजार रुपये व गले से सोने की चेन लूटी। इस बीच तीन बदमाशों ने शो-केस में रखे गहने बटोरे और चार मिनट में डाका डालकर भाग निकले।
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दिनदहाड़े वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। व्यापारियों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। एसएसपी व अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। तीन थानों की पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम डकैतों की तलाश में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, मुलायमनगर सरस्वती विहार निवासी सराफा व्यवसायी राजेश रस्तोगी की घर से कुछ दूर बाजार में न्यू नीलम ज्वैलर्स नामक शॉप है। दुकान पर कारीगर का काम करने वाले रकाबगंज निवासी अर्पित रस्तोगी ने रविवार को दोपहर 12 बजे दुकान खोली।
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थोड़ी देर बाद राजेश रस्तोगी अपने नौकर ललित के साथ स्कूटी से पहुंचे। ललित ने सफाई की और कुछ देर बाद अपनी कुर्सी पर बैठते हुए राजेश ने उसे पान लाने भेज दिया।
एक ने हेलमेट पहना था तो दूसरे ने बांधा था गमछा
- फोटो : amar ujala
इस बीच दुकान के सामने रुकी बाइक से उतरे दो बदमाश आ धमके। एक ने हेलमेट लगा रखा था, जबकि दूसरे ने चेहरे पर गमछा लपेट रखा था। एक बदमाश ने अर्पित की कनपटी से तमंचा सटाया। इस बीच तीन और बदमाश आ धमके।
उनमें दो ने गमछे से चेहरा छिपा रखा था और तीसरा हेलमेट लगाए था। गमछा लपेटे बदमाश ने राजेश पर पिस्टल ताना और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। दो बदमाशों ने राजेश व अर्पित की तलाशी ली। दोनों के मोबाइल छीने। राजेश के गले से सोने की चेन लूटी। इस बीच तीन बदमाशों ने शोकेस व काउंटर में रखे गहने बटोरकर साथ लाए थैले में भरे।
राजेश से तिजोरी की चाभी मांगने के साथ चेहरे पर घूंसे मारे। वारदात से बुरी तरह घबराए राजेश ने कहा कि साप्ताहिक बंदी के चलते दुकान की सफाई करने आए थे। तिजोरी की चाभी घर पर है। इस बीच एक डकैत ने दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगा देखकर डीवीआर के बारे में पूछताछ शुरू की।
उसे उखाड़ ले जाने की तैयारी में थे कि दुकान के बाहर रेकी कर रहा एक अन्य बदमाश आ धमका। डकैतों से बोला कि काम हो चुका हो तो भागो, पुलिस को फोन हो गया है। डकैत आननफानन में दुकान से निकले और तीन बाइक पर सवार होकर भाग निकले।
भड़क गए सराफा व्यापारी
- फोटो : amar ujala
ज्वेलरी शॉप में डकैती का पता चलते ही आदर्श व्यापार मंडल व सराफा व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। इलाके के व्यापारियों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। एसएसपी ने लुटेरों को जल्द पकड़ने का आश्वासन देकर प्रदर्शन खत्म कराया।
फोटोस्टूडियो के मालिक पर ताना पिस्टल
राजेश रस्तोगी के दुकान के बाहर दो व्यक्तियों को संदिग्ध हालत में खड़ा देखकर सड़क के दूसरी तरफ स्थित प्रिंस स्टूडियो के मालिक दुर्गेश कुमार पर तमंचा ताना। उसे मोबाइल से कॉल करते देख उसकी तरफ दौड़ा।
दुर्गेश आननफानन में शटर गिराया और खुद को दुकान के भीतर बंद करके पुलिस कंट्रोल रूम फोन किया। दूसरे बदमाश ने राजेश की दुकान में डाका डाल रहे साथियों को जानकारी दी। दुकान में लगा डीवीआर बच गया।
ऐसे पता चला कि पूर्वांचल के थे बदमाश
- फोटो : amar ujala
ज्वैलरी शॉप पर दिनदहाड़े डकैती की सूचना पर एसएसपी मंजिल सैनी, एएसपी ट्रांसगोमती जयप्रकाश, एएसपी उत्तरी विजय ढुल व एएसपी क्राइम अपनी टीम लेकर मौके पर पहुंचे।
गाजीपुर, इंदिरानगर व चिनहट थाने की पुलिस की मदद से डकैतों की तलाश शुरू की। सराफा व्यवसायी राजेश रस्तोगी व कारीगर अर्पित रस्तोगी ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि डकैतों की भाषा पूर्वांचल की थी।
वारदात के दौरान दुकान में आए बदमाश ने भी पूर्वांचल की भाषा में अपने साथियों को अलर्ट किया था। सभी की उम्र 25-30 वर्ष के बीच की थी। गमछा लपेटा होने के बाद भी चेहरे नजर आ रहे थे।
खटक रही छोटी दुकान में दिनदहाड़े डकैती
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि राजेश रस्तोगी की छोटी सी दुकान में चांदी के गहने व आर्टिफिशियल ज्वैलरी थी। माना जा रहा है कि डकैतों को नगदी व गहनों की सटीक जानकारी नहीं थी।
राजेश ने भी एक लाख से कम का माल लुटने की बात कही है। शक है कि बदमाश इलाके से वाकिफ थे। उन्हें पता था कि राजेश की दुकान रविवार को भी खुलती है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने राजेश रस्तोगी की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले। उसमें पांच बदमाश नजर आए। इसके बाद कुछ दूर स्थित आसिफ अली की डॉयमंड कंप्यूटर्स नामक शॉप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में सात बदमाश तीन मोटरसाइकिलों पर सवार दिखे।
बदमाशों का चेहरा व बाइक के नंबर पहचानने के इरादे से पुलिस की टीम विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
नौकरों से भी तहकीकात
गाजीपुर थाने की पुलिस ने राजेश रस्तोगी से वारदात का ब्योरा लेने के साथ कारीगर अर्पित रस्तोगी व नौकर ललित से पूछताछ शुरू की। रकाबगंज निवासी अर्पित ने बताया कि छह साल पहले दुकान के उद्घाटन के समय से वह नौकरी कर रहा है।
सीतापुर के लहरपुर थाने के गांव सुनसरी निवासी नौकर ललित ने डेढ़ महीने पहले राजेश रस्तोगी के यहां काम शुरू करने की जानकारी दी। राजेश ने दोनों नौकरों को विश्वसनीय बताया।