बाराबंकी माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की एआरटीओ बाराबंकी में पंजीकृत एम्बुलेंस आखिरकार पुलिस ले आई है। अब पुलिस एंबुलेंस चालक का पता लगाने में जुटी है। उधर, मऊ से गिरफ्तार किए गए गुर्गे को पुलिस ने जेल भेज दिया गया है। पंजाब से यह एंबुलेंस लेकर मंगलवार सुबह लेकर टीम पुलिस लाइंस पहुंची। इसके बाद शाम को एडीजी लखनऊ जोन एसएन सावंत भी पहुंचे और एंबुलेंस का जायजा लिया। इसके साथ ही एंबुलेंस का टेक्निकल मुआयना भी करवाया गया है। वहीं इस मामले में जांच करने के लिए सीओ नवीन सिंह एक टीम के साथ अभी पंजाब में रुके हैं।
माफिया डॉन मुख्तार अंसारी जिस एंबुलेंस का प्रयोग कर रहा था वह फर्जी दस्तावेज के आधार पर सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) बाराबंकी में पंजीकृत कराई गई थी। इस मामले से पर्दा उठने पर एक अप्रैल को कोतवाली नगर में मऊ स्थित श्याम संजीवनी हास्पिटल की संचालिका डा. अलका राय के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा कराया गया था। इसके साथ ही मुख्तार अंसारी समेत चार अन्य लोग इस मामले में आरोपी बनाए गए है। इस मामले में केस प्रापर्टी के रूप में एंबुलेंस लाने के लिए दो अप्रैल को सीओ हैदरगढ़ नवीन सिंह के नेतृत्व में टीम पंजाब रवाना हुई थी। उधर, एक टीम मऊ भेजी गई थी।
पंजाब में बाराबंकी पुलिस को यह एंबुलेंस सड़क किनारे लावारिस खड़ी मिली थी। चेसिस नंबर से मिलान और वही एंबुलेंस होने की पुष्टि के बाद विधिक प्रक्रिया पूरी कर एंबुलेंस बाराबंकी पुलिस के हस्तांरित कर दी गई। इसके बाद मंगलवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे टीम उसे लेकर बाराबंकी पहुंची है। उधर, मऊ से गिरफ्तार कर लाए गए मऊ के ही अहिरौली थाना के सराय लखंसी के राजनाथ यादव को कोतवाल पंकज सिंह ने मंगलवार सुबह ही चिकित्सकीय परीक्षण कराकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। एसपी यमुना प्रसाद के मुताबिक, एंबुलेंस पंजाब से आ गई है और यह बुलेट प्रूफ नहीं है। तकनीकी मुआयना कराया जा रहा है। यह एंबुलेंस कौन चला रहा था इसका भी पता किया जा रहा है। मऊ से गिरफ्तार किए गए राजनाथ को जेल भेजा गया है।