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16 टीमें मिलकर नहीं खोल पाई लूट-हत्या का राज

Tue, 17 Mar 2015 11:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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डालीगंज इलाके में एचडीएफसी बैंक के एटीएम बूथ पर दिनदहाड़े तीन लोगों की हत्या कर 50.50 लाख लूटने वाले दोनों बदमाश आज भी आजाद हैं। इस बार सीएम का अल्टीमेटम और डीजीपी की पहल का भी कोई असर नहीं हुआ।
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अल्टीमेटम की अवधि पूरी हुए भी 48 घंटे बीत गए लेकिन राजधानी पुलिस के किसी भी अफसर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अल्टीमेटम का मतलब क्या था? इस सवाल को सूबे के पुलिस प्रमुख टाल रहे हैं।

नतीजा सभी राजधानीवासी दहशत में हैं और उनका भरोसा टूटा है। बाइक सवार दो बदमाशों ने 27 फरवरी की दोपहर 12:30 बजे एटीएम बूथ के सामने खड़े दो गनमैन को गोली से उड़ाया। शटर उठाकर बूथ में घुसे वहां भी एक कर्मचारी को मौत की नींद सुलाकर 50.50 लाख रुपये से भरा बॉक्स लूट ले गए।
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400 संदिग्‍ध, 600 बाइकें मगर नतीजा शून्य

इस सनसनीखेज वारदात की दहशत अब भी बरकरार है। एटीएम बूथ पर ट्रिपल मर्डर व लूट के 18 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अफसरों के मौके पर पहुंचते-पहुंचते एक बज चुका था। एक नागरिक ने मोबाइल से की रिकार्डिंग की क्लिप पुलिस को सौंपी।

इलाके के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एकत्र किए गए। कप्तान ने फुटेज के आधार पर लुटेरों को जल्द पकड़ने का दावा किया। पुलिस की 16 टीमें गठित कर संदिग्धों की धरपकड़ शुरू की गई। आसपास के जिलों के साथ गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़ तक के अपराधियों की छानबीन शुरू हुई।

साढ़े चार सौ से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ, सवा छह सौ मोटरसाइकिलों की छानबीन, अनेक मोबाइल के कॉल डिटेल खंगाले गए लेकिन 18 दिन नतीजा शून्य।
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फुस्स हुआ अल्टीमेटम, भरोसे की हार

दहला देने वाली वारदात पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डीजीपी एके जैन से ब्यौरा लिया और सख्ती दिखाते हुए खुलासे के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। उन्हें खुद हाईटेक बताने वाले पुलिस अफसरों के दावे पर भरोसा था।

राजधानी में भी लोगों को विश्वास जगा कि 15 दिन में खुलासा न होने पर पुलिस अफसरों पर कार्रवाई होगी। लेकिन समय सीमा बीते भी तीन दिन हो गए और सीएम का अल्टीमेटम फुस्स होने से लोगों का भरोसा टूट गया।
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