2005 के आशियाना सामूहिक दुराचार कांड पर फैसला शुक्रवार को टाल दिया गया। अब 18 मार्च को जेजे बोर्ड इस मामले में निर्णय सुनाएगा।
इस मामले में पिछली सुनवाई पर जेजे बोर्ड ने शुक्रवार तक के लिए अपना फैसला सुरक्षित रखा था। फैसला मुख्य आरोपी की उम्र को लेकर चल रहे विवाद पर आना है।
पीड़ित पक्ष के वकील जलज गुप्ता ने बताया कि प्रधान मजिस्ट्रेट मनोज कुमार के मौजूद नहीं होने के चलते फैसले की तारीख बढ़ा दी गई है।
जेजे बोर्ड ने पहले सात मार्च तक के लिए अपना फैसला सुरक्षित रखा था। अब 18 मार्च की तारीख तय की गई है।
हमें पूरी उम्मीद है कि पीड़िता को न्याय मिलेगा। जेजे बोर्ड से उम्र पर फै सला आने के बाद बचाव पर सुनवाई होगी। इससे पहले जेजे बोर्ड आरोपी पक्ष को कानून का माखौल उड़ाने के लिए लताड़ लगा चुका है।
आरोपी पक्ष ने अपचारी को दुराचार के समय 18 से कम उम्र का साबित करने के लिए उसके परिवार के पंडित आदित्य कुमार दीक्षित भास्कर को गवाह के तौर पर बुलाने की अनुमति मांगी थी जिसने अपचारी की कुंडली बनाई थी।