आगामी लोकसभा चुनाव में बंदूकें गरज सकती हैं। पंजाब, यूपी व दिल्ली के कई बाहुबली विधायक के गुर्गे फर्जी लाइसेंस वाले शस्त्र लेकर खुलेआम घूम रहे हैं।
रविवार को इसका राजफाश पुलिस गिरफ्त में आए सीआरपीएफ के बर्खास्त सिपाही ने किया।
आरोपी बर्खास्त सिपाही ने बताया कि उसने पंजाब, यूपी व दिल्ली के कई बाहुबलियों को फर्जी लाइसेंस पर असलहे खरीदवाए हैं।
पुलिस पड़ताल कर रही है कि बर्खास्त सिपाही के कनेक्शन किन-किन बाहुबलियों से हैं। पुलिस को बर्खास्त सिपाही के पास से एक डायरी भी मिली है।
आरोपी बर्खास्त सिपाही राज कुमार ने बताया कि 1991 से पंजाब के बरनाला व संगरूर में रहने के दौरान उसके संबंध कई बाहुबली नेता और विधायक से हो गए थे।
आरोपी की माने तो उस दौरान पंजाब पुलिस ने अवैध शस्त्रों की आशंका पर अभियान चलाकर वाहनों की तलाशी करवाई थी।
इससे बाहुबलियों ने अवैध असलहा लेकर घूमना बंद कर दिया था। इसके बाद बर्खास्त सिपाही ने फर्जी लाइसेंस पर शस्त्र दिलाने का गोरखधंधा शुरू कर दिया।
कई बाहुबली विधायक समेत सफेदपोशों को फर्जी लाइसेंस से बंदूकें खरीदवाईं और उसका गोखधंधा दिल्ली व यूपी के कई जनपदों में फैल गया।
वहीं, हरदोई व पूर्वांचल के एक विधायक को भी फर्जी लाइसेंस पर बंदूक खरीदवाने की बात प्रकाश में आई है।
पुलिस टीम पंजाब के संगरूर व दिल्ली जाकर लाइसेंस धारकों की छानबीन करेगी। उधर, पुलिस को बर्खास्त सिपाही के पास से एक डायरी में कई फोन नंबर मिले हैं।
चुनाव में जमा नहीं कराए जाते ये असलहे
आरोपी की मानें तो अवैध असलहा रखने के बजाए बाहुबली फर्जी लाइसेंस के जरिए असलहे खरीदने पर खुद को ज्यादा सुरक्षित समझते हैं।
कारण, ये असलहे वह लेकर खुलेआम घूम सकते हैं और चुनाव के वक्त भी इसे जमा करने का झंझट नहीं रहता। सत्यापन तो बर्खास्त सिपाही ही कर देता था।
हस्ताक्षर बनाने में था माहिर
पुलिस के मुताबिक, बर्खास्त सिपाही राज कुमार हस्ताक्षर बनाने में माहिर था। वह खुद ही जिलाधिकारी, असलहा बाबू व अन्य संबंधित कर्मचारियों के हस्ताक्षर करता था।
गन हाउसों पर भी कसेगा शिकंजा
फर्जी लाइसेंस पर असलहे बेचने वाले गन हाउसों पर शिकंजा कसेगा। पुलिस पड़ताल कर रही है कि किन गन हाउस से फर्जी लाइसेंस पर असलहे बेचे गए।
पुलिस ने कन्नौज के सरायमीर जीटी रोड स्थित रामजी आर्म्स स्टोर, सीतापुर के एक गन हाउस समेत कई गन हाउस की जांच कर रहा है।
एसटीएफ का दरोगा बन लगाई थी फटकार
पुलिस की मानें तो एक बार पंजाब पुलिस बर्खास्त सिपाही को तलाशते हरदोई पहुंची। बर्खास्त सिपाही राज कुमार पुलिस से सामने ही टकरा गया।
पंजाब पुलिस ने पूछा कि तुम्हारा नाम राज कुमार है जिस पर उसने पंजाब पुलिस के दरोगा को अरदब में लिया और फुर्र हो गया।