आला अधिकारियों और महिला सहकर्मियों को कॉल कर गाली-गलौज करने वाले स्मारक संरक्षण समिति के सहायक प्रबंधक को निलंबित करने का आदेश कर दिया गया है।
मुख्य प्रबंधक ने कार्रवाई की संस्तुति करके फाइल सदस्य सचिव को भेज दी है।
कानपुर का रहने वाला राकेश रौशन निषाद मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल में सहायक प्रबंधक के पद पर तैनात है।
उसके खिलाफ 25 अक्तूबर को वीमेन पावर लाइन में स्मारकों की एक महिला अधिकारी ने अश्लील मैसेज करने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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सख्ती पर राकेश ने अपने ऊपर लगे आरोप तो स्वीकार कर लिए, लेकिन ऐसा वह क्यों करता था, इसका खुलासा नहीं किया। हालांकि उसने आगे से ऐसा न करने की बात कही।
वीमेन पावर लाइन ने पूरी जानकारी लिखित तौर पर स्मारक संरक्षण समिति को दी। इसके बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की गई।
जांच के बाद पाया गया कि इस मामले में अधिकारी पूरी तरह से जिम्मेदार है। सदस्य सचिव एमपी अग्रवाल इन दिनों छुट्टी पर हैं। उनके आने के बाद सस्पेंशन पर मुहर लग जाएगी।
कर्मचारियों से घरेलू काम कराने की शिकायत
इस प्रकरण का पटाक्षेप होने के बाद सोमवार को एक और मामला सामने आ गया। कांशीराम स्मारक के एक सहायक प्रबंधक पर आरोप लगाया गया कि वे रामकुमार नाम के एक दलित कर्मचारी से घर का काम कराते हैं।
कर्मचारी ने घरेलू काम करने से इन्कार किया तो उसका वेतन काटने की धमकी दी गई। इसके साथ ही उसे अब मस्टर रोल पर साइन भी नहीं करने दिया जा रहा है।
पीड़ित कर्मचारी ने मुख्य प्रबंधक अष्टभुजा तिवारी से शिकायत की। अष्टभुजा प्रसाद तिवारी ने प्रबंधक प्रशासन ज्योति कुमार दीक्षित को निर्देशित किया है कि वे इस पूरे मामले की जांच कराएं।
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