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लखनऊ में हुई अनोखी डकैती, नकदी-जेवर संग खाना भी लूटा

Sun, 10 May 2015 11:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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 राजधानी में अपराधियों के हौसलों पर लगाम लगाने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। एक बार फिर खाकी के खौफ को दरकिनार कर आठ नकाबपोश बदमाशों ने आशियाना के सेक्टर एन निवासी जगदंबा चतुर्वेदी के घर में शुक्रवार को देर रात धावा बोल दिया।
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वे खिड़की तोड़कर घर के अंदर घुसे और मौजूद बुजुर्ग जगदंबा चतुर्वेदी (75) और उनके नाती अमन जैदी (17) को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया। रस्सी से उनके हाथ-पांव बांधे, मुंह पर टेप लगाया बड़े आराम से सारा घर खंगाला।

बदमाशों ने एक करोड़ रुपये कैश कहां रखा होने की बात पूछी, और न मिलने पर हीरे की अंगूठी, सोने के दो कड़े, टॉप्स के अलावा 20-25 हजार रुपये की नकदी लेकर भाग निकले।
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बदमाशों के जाने के बाद अमन ने किसी तरह अपने को रस्सी से मुक्त किया और टेप हटाया। फिर शोर मचाकर इसकी जानकारी पड़ोसी को दी। घटना की जानकारी होते ही, मोहल्ले में दहशत की लहर दौड़ गई।

एएसपी सिटी रोहित मिश्रा समेत तमाम पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। डॉग स्कवॉड, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट व क्राइम ब्रांच की टीम की मदद से बदमाशों के बारे में सुराग तलाशा जा रहा है। हालांकि देर रात तक पुलिस को इस मामले में कोई सफलता नहीं मिली थी। आशियाना थाने में इस संबंध में डकैती की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

माता जी! चेन नहीं पहनतीं क्या ?

बदमाशों ने जगदंबा चतुर्वेदी के हाथ से सोने के कड़े उतरवाए, हीरे की अंगूठी निकाली और टॉप्स निकाले लेकिन उनके गले में सोने की चेन नहीं मिली। इस पर बदमाशों ने कहा कि माता जी आप चेन नहीं पहनती हैं क्या?

इस पर जगदंबा ने उनके पास सोने की चेन होने से मना किया तो वह नाराज हो गए। सच न बताने पर जान से मार डालने की धमकी देने लगे।

डकैतों के चुंगल में तीन घंटे फंसी रहीं जगदंबा चतुर्वेदी ने बताया कि वह बगैर शोर और विरोध किए जमीन पर पड़ी हुई थीं। इसी दौरान एक बदमाश ने उनसे पूछा कि प्यास लगी है क्या।

उन्होंने मना किया लेकिन फिर भी बदमाशों ने उनके व उनके नाती के मुंह से सर्जिकल टेप हटाकर पानी पिलवाया। फिर बदमाशों ने दोबारा मुंह पर टेप लगा दिया। बदमाशों ने न उनको मारा और न ही पीटा।

नकाबपोश बदमाशों को आलमारी में रखे कुछ आर्टीफिशियल जेवर दिखे। इसे गिरोह के कुछ बदमाशों ने असली समझा। जबकि उनके कुछ साथी इसे नकली जेवरात होने की बात कह रहे थे।
इसी बात को लेकर उनके बीच काफी देर तक बहस होती रही।

बारी-बारी सभी बदमाशों ने इन जेवरों को हाथ में लेकर देखा। असली-नकली को लेकर उनके बीच तकरार होती रही। बाद में उन्होंने इसे अपनी झोली में डाल लिया और गिरोह के सरगना ने कहा कि बाद में फैसला हो जाएगा कि यह असली हैं या नकली।
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बिस्कुट-नमकीन और फ्रिज में रखा पनीर तक खा गए

डाका डालने आए बदमाशों ने भगवान का मंदिर तक खंगालने में संकोच नहीं किया। उनको भगवान की पूजा की थाली में भी जो रुपये दिखे वह उठाकर अपनी जेब में डाल दिया।

बदमाशों की उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच की रही होगी। सभी चेक दार नकाब पहन रखा था। बदमाशों की बातें सुनकर ऐसा लग रहा था कि उनको भगवान का न तो कोई डर था और न ही भक्ति मे कोई आस्था।

अमन जैदी के पिता हुसैन जैदी फीनिक्स मॉल स्थित फॉलकन मोटल एवं रिसॉर्ट में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। उसकी मां सौम्यता जैदी विश्वनाथ अकादमी में टीचर हैं। उनका इकलौता बेटा अमन भी उसी स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र है।

गिरोह के कुछ सदस्य जेवर व नकदी तलाशने में जुटे तो उनमें से कई किचन में खाने-पीने के डिब्बे खंगाल रहे थे। इस दौरान उन्होंने बिस्कुट, नमकीन की दावत उड़ाई। फ्रिज में रखा पनीर तक बांटकर खा डाला। बदमाशों को यह शक था कि एक करोड़ रुपये किचन में किसी डिब्बे में तो नहीं रखे।
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